नवरात्र के लिए चमकने लगे प्रमुख मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
25 सितंबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के प्रमुख बावे वाले मंदिर सहित मां के अन्य दरबारों की सजावट का काम जारी है।
इन मंदिरों में लाखों भक्त हाजिरी देकर आस्था जताते हैं। नवरात्र के शुरू होने के साथ ही बाजारों में रौनक लौट आएगी। शुभ कार्यों का श्रीगणेश होगा। महामाई के दरबार में फूलों की खपत बढ़ जाएगी।
शहर के बावे वाले मंदिर में तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। महामाई के दरबार में फूलों से विशेष सजावट की जाएगी। पूरे नवरात्र में फूलों की महक परिसर को खुशनुमा बनाती है। मां के दर्शन के लिए खास व्यवस्था रहती है। भक्तों को कतारों में दरबार की ओर प्रस्थान कराया जाता है।
माता महाकाली ट्रस्ट के महंत बिट्टा के अनुसार पहले नवरात्र पर तड़के 3:30 बजे माता का दरबार दर्शन के लिए खोल दिया जाता है, लेकिन देर रात से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो जाता है। अधिकांश श्रद्धालु पैदल ही मां का गुणगान करते हुए पहुंचते हैं।
मंदिर परिसर में रंग रोगन का काम पूरा कर लिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दरबार के बाहर नए शेड बनाए गए हैं। बिजली की आपूर्ति चौबीस घंटे बहाल रखने के लिए 35 केवी का जनरेटर लगाया गया है। लंगर सहित अन्य तैयारियां भी की जा रही हैं।
बाग-ए-बाहू भी दिखेगा नए रंग में
सूर्य पुत्री तवी किनारे बसे इस मंदिर का निर्माण दो सौ साल पहले महाराजा गुलाब सिंह ने करवाया था। जम्मू-कश्मीर में यह एकमात्र महाकाली का मंदिर है, यहां प्राकृतिक पिंडी विराजमान है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु बाग-ए-बाहू के लिए भी आकर्षित होते हैं।
शहर के करीब पांच किमी. दूरी पर स्थित इस प्रमुख पार्क का निर्माण हजारों साल पहले राजा बहु लोचन ने किया था। बावे वाले मंदिर से कुछ ही किमी. की दूरी पर स्थित महामाया माता मंदिर में भी भक्तों की आस्था का केंद्र रहता है। इनमें अधिकांश भक्त बावे वाले मंदिर में दर्शनों के बाद यहां पहुंचते हैं। यहां से पुराने शहर का नजारा देखते ही बनता है।
तवी नदी के किनारे ऊंची पहाड़ी पर स्थित माता के दरबार में हजारों भक्त पहुंचते हैं। इसी तरह शहर से करीब दस किमी. दूरी पर नगरोटा स्थित कोल कंडोली मंदिर में भी नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्री माता वैष्णो देवी के यहां पहले दर्शन होते हैं।