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फारूक बोले: चुनाव जीतने के लिए कुछ दल जानबूझकर धर्म का कार्ड खेलते हैं, भगवान राम और अल्लाह कभी खतरे में नहीं
Fri, 10 Dec 2021 12:11 AM IST
विमल शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 10 Dec 2021 12:11 AM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भगवान राम और अल्लाह कभी खतरे में नहीं हो सकते। कुछ दल केवल राजनीतिज्ञ स्वार्थ के लिए उनके नाम का गलत प्रयोग करते हैं।
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फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram/dr.farooqabdullah
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विस्तार
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए धर्म का प्रयोग ठीक नहीं। जब भी चुनाव करीब आते हैं तो कुछ दलों को धर्म खतरे में लगने लगता है और चुनाव जीतने के लिए जानबूझकर धर्म का कार्ड खेलते हैं। फारूक वीरवार को पार्टी के संभागीय मुख्यालय जम्मू में नेकां एससी सेल के अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि भगवान राम और अल्लाह कभी खतरे में नहीं हो सकते। केवल राजनीतिज्ञ स्वार्थ के लिए उनके नाम का गलत प्रयोग करते हैं। धर्म लोगों को विभाजित करने के लिए नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम है। धर्म के नाम पर लोगों को बांटने वाले दलों का पर्दाफाश होना चाहिए।
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नेकां प्रमुख ने आरोप लगाया कि कई हिस्सों में आज भी अनुसूचित जाति वर्ग से भेदभाव होता है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। आरक्षण के बेहतर परिणाम सामने आए हैं और एससी वर्ग से अच्छे डॉक्टर व इंजीनियर निकले हैं। सभी क्षेत्रों में अच्छे कारनामे करके दिखाए हैं।
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डॉ. फारूक ने कहा नेकां ने शुरू से ही एससी वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है, ताकि फैसले लेने वाली संस्थाओं में एससी वर्ग को प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने प्रदेश में निष्पक्ष पत्रकारिता पर अंकुश लगाने की जा रही कोशिशों पर चिंता जताई।
कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग शांतिपूर्ण तरीके से छीने गए अधिकारों की बहाली की मांग कर रहे हैं। नेकां प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के निर्देश दिए। अधिवेशन का आयोजन नेकां की एसएसी सेल की संभागीय अध्यक्ष विजय लोचन की तरफ से किया गया था।
अधिवेशन शुरू होने पर सबसे पहले सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी व अन्य के दुर्घटना में निधन पर गहरा दुख जताया और दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। अधिवेशन को डॉ. शेख मुस्तफा कमाल, रतन लाल गुप्ता, अजय कुमार सडोत्रा, शेख बशीर अहमद ने भी संबोधित किया।