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फारूक अब्दुल्ला ने उठाए सवाल, कहा-'चुनावी फायदे के लिए कराई एयर स्ट्राइक'
Mon, 11 Mar 2019 12:41 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 11 Mar 2019 12:41 PM IST
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फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : ANI
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नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र सरकार पर एयर स्ट्राइक को लेकर जोरदार हमला बोला है। कहा कि लोकसभा चुनाव जीतने के एकमात्र उद्देश्य के तहत बालाकोट में हवाई हमले किए गए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्ट्राइक पूरी तरह से चुनाव के लिए और केवल चुनाव के उद्देश्य से की गई। हमने करोड़ों रुपये मूल्य का विमान गंवा दिया। शुक्र है कि भारतीय वायु सेना का पायलट जीवित बच गया और सम्मान के साथ पाकिस्तान से लौट आया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सभी मोर्चों पर विफ ल रही है। यह पूरी तरह माना जा रहा था कि चुनाव से पहले पाकिस्तान के साथ लड़ाई या टकराव होगा ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अवतार के रूप में सामने आएं जिसके बिना भारत का गुजारा हो ही नहीं सकता, लेकिन उन्हें यह बताना चाहते हैं कि वह या मैं रहूं या न रहूं भारत जिंदा रहेगा और आगे बढ़ता रहेगा।
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नेकां अध्यक्ष ने कहा कि चुनावों में भाजपा को मदद देने के लिए डर का माहौल बनाया जा रहा है। कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बातचीत करने के अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है। नई दिल्ली कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में लाए। अब कई देश भारत और पाकिस्तान को कश्मीर पर बातचीत करने के लिए राजी करने में लगे हैं। वे अपने आप को इसमें शामिल रखेंगे क्योंकि यह आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
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उन्होंने कहा कि भाजपा सभी मोर्चों पर विफ ल रही है। यह पूरी तरह माना जा रहा था कि चुनाव से पहले पाकिस्तान के साथ लड़ाई या टकराव होगा ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अवतार के रूप में सामने आएं जिसके बिना भारत का गुजारा हो ही नहीं सकता, लेकिन उन्हें यह बताना चाहते हैं कि वह या मैं रहूं या न रहूं भारत जिंदा रहेगा और आगे बढ़ता रहेगा।
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नेकां अध्यक्ष ने कहा कि चुनावों में भाजपा को मदद देने के लिए डर का माहौल बनाया जा रहा है। कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बातचीत करने के अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं है। नई दिल्ली कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में लाए। अब कई देश भारत और पाकिस्तान को कश्मीर पर बातचीत करने के लिए राजी करने में लगे हैं। वे अपने आप को इसमें शामिल रखेंगे क्योंकि यह आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
पंचायत-निगम चुनाव हो गए तो विस चुनाव कराने में कैसा खतरा
राज्य में विधानसभा चुनाव में देरी के चुनाव आयोग के फैसले पर कहा कि केंद्र को जम्मू-कश्मीर में उपद्रव की आशंका है। लगता है कि उन्होंने कोई शैतानी करने की सोची होगी इसलिए चुनाव टल गए। यह समझ नहीं आता कि जब हजारों लोगों ने पंचायत और नगर निगम चुनावों में भाग लिया तो उन्हें अब क्या खतरा लगता है जब बड़ी संख्या में सुरक्षाबल मौजूद हैं और वे राज्य के हर नुक्कड़ और कोने में मौजूद हैं। सभी दल लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के पक्ष में हैं। अब जनता को समझना चाहिए कि उनका मकसद क्या है। अगर आयोग यह कह रहा है कि माहौल लोकसभा चुनाव के अनुकूल है तो विधानसभा चुनाव के लिए अनुकूल क्यों नहीं है।
दूरदराज में सुरक्षा बल मशीनों के बटन दबाते हैं
आयोग के सुरक्षा बलों को इलेक्ट्रानिक मशीन से दूर रखने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राज्य में देखा है कि दूरदराज के इलाके में सुरक्षा बल मशीनों के बटन दबाते हैं। इस बार केवल उन्हें सुरक्षा में लगाया जाना अच्छी बात है। इससे स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव संभव हो पाएगा।
कांग्रेस से गठबंधन पर फैसला नहीं
फारूक ने कहा कि कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन पर सोचा जाएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन पर विचार कर रही है तो उन्होंने कहा कि हमने इस पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। इस विषय पर सोचा जाएगा।
राज्य में विधानसभा चुनाव में देरी के चुनाव आयोग के फैसले पर कहा कि केंद्र को जम्मू-कश्मीर में उपद्रव की आशंका है। लगता है कि उन्होंने कोई शैतानी करने की सोची होगी इसलिए चुनाव टल गए। यह समझ नहीं आता कि जब हजारों लोगों ने पंचायत और नगर निगम चुनावों में भाग लिया तो उन्हें अब क्या खतरा लगता है जब बड़ी संख्या में सुरक्षाबल मौजूद हैं और वे राज्य के हर नुक्कड़ और कोने में मौजूद हैं। सभी दल लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के पक्ष में हैं। अब जनता को समझना चाहिए कि उनका मकसद क्या है। अगर आयोग यह कह रहा है कि माहौल लोकसभा चुनाव के अनुकूल है तो विधानसभा चुनाव के लिए अनुकूल क्यों नहीं है।
दूरदराज में सुरक्षा बल मशीनों के बटन दबाते हैं
आयोग के सुरक्षा बलों को इलेक्ट्रानिक मशीन से दूर रखने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राज्य में देखा है कि दूरदराज के इलाके में सुरक्षा बल मशीनों के बटन दबाते हैं। इस बार केवल उन्हें सुरक्षा में लगाया जाना अच्छी बात है। इससे स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव संभव हो पाएगा।
कांग्रेस से गठबंधन पर फैसला नहीं
फारूक ने कहा कि कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन पर सोचा जाएगा। यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन पर विचार कर रही है तो उन्होंने कहा कि हमने इस पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। इस विषय पर सोचा जाएगा।