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फारूक अब्दुल्ला को है एक बात का दुख, बोले- अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली के लिए आखिरी दम तक लड़ूंगा
Tue, 20 Oct 2020 12:06 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 20 Oct 2020 12:06 AM IST
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फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : बासित जरगर
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जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 370 और 35ए की बहाली के लिए मरते दम तक लड़ाई लड़ूंगा। भविष्य में भी किसी भी पूछताछ में पूरा सहयोग दूंगा।
डॉ. फारूक ने कहा कि केवल एक बात का दुख है कि मैं पूछताछ के दौरान खाना नहीं खा सका। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा करीब सात घंटे तक पूछताछ के बाद कार्यालय के बाहर आए डॉ. फारूक अब्दुल्ला के तीखे तेवर पत्रकारों के सवालों के जवाब में साफ झलके।
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. फारूक ने कहा कि वह आगे भी किसी भी तरह की पूछताछ का सामना करने के लिए तैयार हैं। मैं बिल्कुल भी इसको लेकर चिंतित नहीं हूं और न ही कोई घबराहट है। एक बात का अफसोस है कि मैं पूछताछ के दौरान भूखा रहा, खाना नहीं खा सका।
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उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास एक लंबी सियासी लड़ाई है, जिसे आगे भी लड़ना है। चाहे फारूक अब्दुल्ला जिंदा रहें या न रहें। अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली के लिए आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे।
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डॉ. फारूक ने कहा कि केवल एक बात का दुख है कि मैं पूछताछ के दौरान खाना नहीं खा सका। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा करीब सात घंटे तक पूछताछ के बाद कार्यालय के बाहर आए डॉ. फारूक अब्दुल्ला के तीखे तेवर पत्रकारों के सवालों के जवाब में साफ झलके।
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पत्रकारों से बातचीत में डॉ. फारूक ने कहा कि वह आगे भी किसी भी तरह की पूछताछ का सामना करने के लिए तैयार हैं। मैं बिल्कुल भी इसको लेकर चिंतित नहीं हूं और न ही कोई घबराहट है। एक बात का अफसोस है कि मैं पूछताछ के दौरान भूखा रहा, खाना नहीं खा सका।
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उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास एक लंबी सियासी लड़ाई है, जिसे आगे भी लड़ना है। चाहे फारूक अब्दुल्ला जिंदा रहें या न रहें। अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली के लिए आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे।
हमारा संकल्प न बदला था और ना बदलेगा, चाहे मुझे फांसी ही क्यों न चढ़ा दिया जाए। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों की समस्या है, यह केवल डॉ. फारूक अब्दुल्ला की लड़ाई नहीं है।
फैसला करना अदालत का काम
ईडी ने क्या पूछताछ की, इस सवाल के जवाब में डॉ. फारूक ने कहा कि वह इस पर कुछ नहीं कहेंगे और मैं किसी चीज पर अपना फैसला नहीं सुना सकता। अदालत खुद फैसला करेगी कि इस मामले में आगे क्या करना है।
फैसला करना अदालत का काम
ईडी ने क्या पूछताछ की, इस सवाल के जवाब में डॉ. फारूक ने कहा कि वह इस पर कुछ नहीं कहेंगे और मैं किसी चीज पर अपना फैसला नहीं सुना सकता। अदालत खुद फैसला करेगी कि इस मामले में आगे क्या करना है।