J&K: फारूक अब्दुल्ला बोले- मेरी आंखों में आंसू थे, ये जम्मू और कश्मीर के लिए सबसे बड़ा तोहफा
पत्रकारों से बात करते हुए फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि चिनाब नदी पर बना पुल, दुनिया का सबसे ऊंचा पुल होने के नाते, भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर परियोजना है, जो एक कठिन इलाके में कई उतार-चढ़ाव के बाद पूरा हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यूएसबीआरएल रूट (उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक) पर वंदे भारत ट्रेनें जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए सबसे बड़ा उपहार हैं क्योंकि यह क्षेत्र को पूरे देश से जोड़ती है। अब्दुल्ला आज नौगाम (श्रीनगर) रेलवे स्टेशन से वंदे भारत ट्रेन में सवार होने के बाद श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन पहुंचे।
पत्रकारों से बात करते हुए फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि चिनाब नदी पर बना पुल, दुनिया का सबसे ऊंचा पुल होने के नाते, भारतीय रेलवे के लिए एक मील का पत्थर परियोजना है, जो एक कठिन इलाके में कई उतार-चढ़ाव के बाद पूरा हुआ। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर को पूरे देश से जोड़ने के लिए यह सबसे बड़ा तोहफा है। चिनाब ब्रिज पार करते समय मेरी आंखों में आंसू थे। आखिरकार वह दिन आ गया जब हम कश्मीर से देश की यात्रा ट्रेन से कर सकेंगे। मैं इस पुल को बनाने वाले सभी श्रमिकों और इंजीनियरों को बधाई देना चाहता हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ट्रेन से न केवल हमारा पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि व्यापार भी बढ़ेगा। हमारे उत्पाद कन्याकुमारी, पटना, कोलकाता और मुंबई तक पहुंचेंगे, जिससे हमें बहुत लाभ होगा। मैं इस पर काम करने वाले सभी रेलवे कर्मचारियों और इंजीनियरों का आभार व्यक्त करता हूं। सामूहिक प्रयास से यह संभव हुआ है। यह अटल विहारी बाजपेयी का सपना था, जिसे मनमोहन सिंह ने आगे बढ़ाया और मोदी जी ने पूरा किया। मैं दुनिया का सबसे ऊंचा पुल बनाने वाले इंजीनियरों और श्रमिकों का आभारी हूं।
दरअसल जम्मू संभाग को कश्मीर से सीधे जोड़ने वाली कटरा रेलवे स्टेशन से दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह जून को हरी झंडी दिखाई थी। नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने में लगभग तीन घंटे का समय लेगी, जिससे मौजूदा यात्रा के समय में दो से तीन घंटे की कमी आएगी। इन ट्रेनों को विशेष रूप से कश्मीर घाटी की ठंडी जलवायु परिस्थितियों में संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। ट्रेन अंजी खाद पुल से होकर गुजरेगी, जो भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे पुल है, और चेनाब पुल, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है।