फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Farooq Abdullah's sister Suraiya and daughter Safiya detained during protest against Article370

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी हिरासत में

Tue, 15 Oct 2019 01:55 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 15 Oct 2019 01:55 PM IST
विज्ञापन
Farooq Abdullah's sister Suraiya and daughter Safiya detained during  protest against Article370
फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया को हिरासत में - फोटो : बासित जरगर

जम्मू व कश्मीर में मंगलवार को पहली बार अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद, महिलाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान प्रदर्शन कर रहीं नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया को सीआरपीएफ की महिला बटालियन द्वारा हिरासत में ले लिया गया। विरोध प्रदर्शन किस संगठन या पार्टी के नेतृत्व में किया गया, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है।

विज्ञापन


घाटी में पोस्टपेड मोबाइल सेवा शुरू होने के साथ हालात सामान्य हैं, वहीं सुरक्षाबलों के जवान घाटी में होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। वहीं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती इस समय हिरासत हैं। उन्हें लगातार हिरासत में रखे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था।

विज्ञापन

यदि कोई उकसाने की कोशिश करता है तो स्थिति को नियंत्रित करने में समस्या होगीः अमित शाह

उमर और महबूबा को हिरासत में रखे जाने के सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक निजी चैनल से बातचीत में बताया, 'उनको पीएसए के तहत अभी हिरासत में रखा है।' इस बयान वाले वीडियो को भाजपा ने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। उमर और महबूबा राज्य की मुख्य पार्टियों के नेता हैं जिन्हें पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने से पहले हिरासत में लिया गया था। 

जब इन नेताओं को हिरासत में रखने को लेकर सवाल किया गया तो शाह ने कहा, 'अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जब घटना ताजा थी, तब निश्चित तौर पर लोगों के लिए यह झटका था जोकि सामान्य है। यदि कोई उकसाने की कोशिश करता है, तो जाहिर है कि स्थिति को नियंत्रित करने में समस्या होगी।'

गृह मंत्री ने कहा कि 4,000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था, जिसमें से 1,000 अब भी जेल में हैं। इसमें से 800 पत्थरबाज हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण पिछले कुछ सालों में 40,000 लोगों की मौत हुई है। मेरा मानना है कि उनकी मौत अनुच्छेद 370 के कारण हुई। यदि कोई घाव को लगातार खरोंचता रहता है, तो लोग भड़क सकते हैं। एहतियान हमने उन्हें हिरासत में रखा। किसी की जिंदगी का नुकसान होने से बेहतर है एहतियात बरतना।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed