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Jammu News: किसानों ने सीखा फूलों की खेती करके आय बढ़ाना
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केवीके सांबा में फ्लोरीकल्चर आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री पर कार्यशाला आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। किसानों को फूलों की खेती के बारे में जागरूक करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र सांबा, स्कॉस्ट-जम्मू द्वारा फ्लोरीकल्चर आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्कूास्ट-जम्मू के निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. अमरीश वैद के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि अध्यक्षता मुख्य वैज्ञानिक (एग्रोफॉरेस्ट्री) एवं केवीके सांबा के प्रभारी प्रो. डॉ. संजय खजूरिया ने की।
कार्यशाला में सांबा और कठुआ जिलों के 150 से अधिक किसानों एवं महिला किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में फूलों की खेती को लाभदायक कृषि उद्यम के रूप में बढ़ावा देने तथा एग्रोफॉरेस्ट्री प्रणाली के साथ इसके समन्वय से कृषि उत्पादकता, रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रो. संजय खजूरिया ने कहा कि जम्मू क्षेत्र में फ्लोरीकल्चर आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर फूलों की व्यावसायिक खेती करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को विभिन्न एग्रोफॉरेस्ट्री प्रजातियों के पौधों का भी वितरण किया।
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उप निदेशक फ्लोरीकल्चर जम्मू सुनील सिंह ने किसानों को फूलों की खेती के क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग की जानकारी दी। तकनीकी सत्रों में डॉ. सौरव गुप्ता ने फूलों की फसलों में समेकित कीट प्रबंधन , डॉ. अजय कुमार ने डिजिटल फ्लोरीकल्चर तथा डॉ. शालिनी खजूरिया ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर व्याख्यान दिए।
सहायक फ्लोरीकल्चर अधिकारी अतुल कुमार शर्मा ने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं वित्तीय सहायता की जानकारी दी। वहीं एएफओ शौकत अली और एएफओ ललिता कुमारी ने भी किसानों के साथ अपने अनुभव साझा किए। संवादात्मक सत्र में किसानों ने फूलों की खेती, कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य और एग्रोफॉरेस्ट्री से जुड़े प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे, जिनका समाधान किया गया।
कार्यक्रम का समापन प्रगतिशील किसान राकेश कुमार शर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने स्कूास्ट-जम्मू, केवीके सांबा और फ्लोरीकल्चर विभाग का किसानों के लिए उपयोगी प्रशिक्षण आयोजित करने पर आभार व्यक्त किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। किसानों को फूलों की खेती के बारे में जागरूक करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र सांबा, स्कॉस्ट-जम्मू द्वारा फ्लोरीकल्चर आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्कूास्ट-जम्मू के निदेशक प्रसार शिक्षा प्रो. अमरीश वैद के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि अध्यक्षता मुख्य वैज्ञानिक (एग्रोफॉरेस्ट्री) एवं केवीके सांबा के प्रभारी प्रो. डॉ. संजय खजूरिया ने की।
कार्यशाला में सांबा और कठुआ जिलों के 150 से अधिक किसानों एवं महिला किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में फूलों की खेती को लाभदायक कृषि उद्यम के रूप में बढ़ावा देने तथा एग्रोफॉरेस्ट्री प्रणाली के साथ इसके समन्वय से कृषि उत्पादकता, रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
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प्रो. संजय खजूरिया ने कहा कि जम्मू क्षेत्र में फ्लोरीकल्चर आधारित एग्रोफॉरेस्ट्री की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर फूलों की व्यावसायिक खेती करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को विभिन्न एग्रोफॉरेस्ट्री प्रजातियों के पौधों का भी वितरण किया।
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उप निदेशक फ्लोरीकल्चर जम्मू सुनील सिंह ने किसानों को फूलों की खेती के क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग की जानकारी दी। तकनीकी सत्रों में डॉ. सौरव गुप्ता ने फूलों की फसलों में समेकित कीट प्रबंधन , डॉ. अजय कुमार ने डिजिटल फ्लोरीकल्चर तथा डॉ. शालिनी खजूरिया ने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन पर व्याख्यान दिए।
सहायक फ्लोरीकल्चर अधिकारी अतुल कुमार शर्मा ने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं वित्तीय सहायता की जानकारी दी। वहीं एएफओ शौकत अली और एएफओ ललिता कुमारी ने भी किसानों के साथ अपने अनुभव साझा किए। संवादात्मक सत्र में किसानों ने फूलों की खेती, कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य और एग्रोफॉरेस्ट्री से जुड़े प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे, जिनका समाधान किया गया।
कार्यक्रम का समापन प्रगतिशील किसान राकेश कुमार शर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने स्कूास्ट-जम्मू, केवीके सांबा और फ्लोरीकल्चर विभाग का किसानों के लिए उपयोगी प्रशिक्षण आयोजित करने पर आभार व्यक्त किया।