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Jammu News: राजोरी के किसानों को कृषि मौसम के प्रति किया जागरूक
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राजोेरी। राजोेरी के कोटरंका ब्लॉक के सवारी गांव के किसानों को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से कृषि मौसम के बारे में जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम स्काॅस्ट जम्मू के उपकुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजोेरी के दूरदराज के गांवों के किसानों को दिन-प्रतिदिन की कृषि गतिविधियों में मौसम संबंधी अनिश्चितताओं का प्रबंधन करने में मदद करना था। आरएआरएस राजोेरी के मुख्य वैज्ञानिक और प्रभारी डॉ. विकास शर्मा ने किसानों को कृषि मौसम सलाहकार सेवाओं के महत्व के बारे में जागरूक किया क्योंकि कृषि मौसम पर निर्भर है।
उन्होंने किसानों को जलवायु अनुकूल फसलों और आर्थिक रूप से लाभकारी फसलों को अपनाने की सलाह दी और क्षेत्र में फसलों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया। जीकेएमएस के तकनीकी अधिकारी डॉ. रोहित शर्मा ने किसानों को जीकेएमएस सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी। किसानों को इस कार्यक्रम से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य खेती की इनपुट लागत को कम करना है ताकि अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके। किसानों को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय नई दिल्ली की ओररेस लॉन्च किए गए मोबाइल एप ''मेघदूत'' पर भी प्रशिक्षण दिया गया, जो किसानों को स्थानीय भाषाओं में स्थान और फसल और पशुधन-विशिष्ट मौसम आधारित कृषि सलाह प्रदान करेगा। केवीके-राजोेरी के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सूरज प्रकाश ने किसानों से बातचीत की और कृषि पद्धतियों में वैज्ञानिक अनुसंधान और नए ज्ञान के बारे में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर जीकेएमएस के नोडल अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह का वीडियो संदेश भी किसानों के साथ साझा किया गया, जिसमें एग्रोमेट एडवाइजरी बुलेटिन और मेघदूत एप की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। एग्रोमेट ऑब्जर्वर लोकेश शर्मा ने भी किसानों के बीच जागरूकता व्याख्यान प्रस्तुत किया।
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यह कार्यक्रम स्काॅस्ट जम्मू के उपकुलपति डॉ. बीएन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजोेरी के दूरदराज के गांवों के किसानों को दिन-प्रतिदिन की कृषि गतिविधियों में मौसम संबंधी अनिश्चितताओं का प्रबंधन करने में मदद करना था। आरएआरएस राजोेरी के मुख्य वैज्ञानिक और प्रभारी डॉ. विकास शर्मा ने किसानों को कृषि मौसम सलाहकार सेवाओं के महत्व के बारे में जागरूक किया क्योंकि कृषि मौसम पर निर्भर है।
उन्होंने किसानों को जलवायु अनुकूल फसलों और आर्थिक रूप से लाभकारी फसलों को अपनाने की सलाह दी और क्षेत्र में फसलों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया। जीकेएमएस के तकनीकी अधिकारी डॉ. रोहित शर्मा ने किसानों को जीकेएमएस सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी। किसानों को इस कार्यक्रम से अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य खेती की इनपुट लागत को कम करना है ताकि अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके। किसानों को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय नई दिल्ली की ओररेस लॉन्च किए गए मोबाइल एप ''मेघदूत'' पर भी प्रशिक्षण दिया गया, जो किसानों को स्थानीय भाषाओं में स्थान और फसल और पशुधन-विशिष्ट मौसम आधारित कृषि सलाह प्रदान करेगा। केवीके-राजोेरी के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सूरज प्रकाश ने किसानों से बातचीत की और कृषि पद्धतियों में वैज्ञानिक अनुसंधान और नए ज्ञान के बारे में जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर जीकेएमएस के नोडल अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह का वीडियो संदेश भी किसानों के साथ साझा किया गया, जिसमें एग्रोमेट एडवाइजरी बुलेटिन और मेघदूत एप की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। एग्रोमेट ऑब्जर्वर लोकेश शर्मा ने भी किसानों के बीच जागरूकता व्याख्यान प्रस्तुत किया।
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