इंतजार खत्म!: कश्मीरी विस्थापितों की वापसी के लिए एक्शन मोड में सरकार, कराएं पंजीकरण
कश्मीर में आतंकवाद की वजह से 1989-90 के दौरान कश्मीर से करीब 60 हजार परिवार विस्थापित हुए थे। इनमें से 23,000 परिवार जम्मू-कश्मीर के बाहर देश के अन्य हिस्सों या विदेशों में बस गए। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाल ही में पंजीकरण के लिए विशेष हिदायत जारी की थी।
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जम्मू समेत देश और विदेशों में बसे कश्मीरी विस्थापित राहत एवं पुनर्वास विभाग के पास अब ऑनलाइन पंजीकरण भी करवा सकते हैं। हाल ही में उप-राज्यपाल ने घाटी वापसी के इच्छुक परिवारों के लिए पंजीकरण को जरूरी बताते हुए संबंधित विभागों को पंजीकरण व्यवस्था के निर्देश दिए थे। इस संबंध में विभाग की वेबसाइट पर व्यवस्थ्या कर दी गई है।
राहत एवं पुनर्वास आयुक्त तेज कृष्ण भट का कहना है कि विभाग के पास अभी तक पंजीकृत नहीं हुए कश्मीरी विस्थापित ऑनलाइन और आफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण करवा सकते हैं। यह व्यवस्था सभी विस्थापित परिवारों के लिए की गई है।
राहत एवं पुनर्वास विभाग में कश्मीरी विस्थापितों के पंजीकरण की वर्तमान स्थिति
- राहत वर्ग में 21295 परिवारों के 70417 सदस्य पंजीकृत
- गैर राहत वर्ग में 23179 परिवारों के 84166 सदस्य पंजीकृत
- कुल मिलाकर 44474 परिवारों के 154583 सदस्य पंजीकृत
धार्मिक आधार पर कश्मीरी विस्थापितों के पंजीकरण की स्थिति
- हिंदू कश्मीरी विस्थापित परिवार 40055 और इन परिवारों के 135914 सदस्य
- मुस्लिम कश्मीरी विस्थापित परिवार 2687 और इन परिवारों के 6553 सदस्य
- सिख कश्मीरी विस्थापित परिवार 1727 और इन परिवारों के 6553 सदस्य
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