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जम्मू-कश्मीरः कुलगाम में आतंकवादियों और सेना के बीच मुठभेड़, 5 आतंकी ढेर, पत्थरबाजों से हिंसक झड़प
Sun, 10 Feb 2019 07:28 AM IST
sapna singla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: sapna singla
Updated Sun, 10 Feb 2019 07:28 AM IST
सार
- इस साल का सबसे बड़ा ऑपरेशन, सीआरपीएफ के चार जवान भी घायल
- मारे गए आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
- मुठभेड़ शुरू होते ही भड़की हिंसा, दर्जनभर घायल, मोबाइल इंटरनेट ठप
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आतंकियों से मुठभेड़
- फोटो : एएनआई
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में साल के सबसे बड़े ऑपरेशन में रविवार को कुलगाम जिले में मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर के पांच आतंकियों को मार गिराया गया। मारे गए आतंकियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ में सीआरपीएफ के चार जवान भी घायल हुए हैं। मुठभेड़ शुरू होते ही हिंसा भड़क उठी। आतंकियों को भागने में मदद करने के लिए सैकड़ों की भीड़ मुठभेड़ स्थल की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगी।
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इस दौरान पत्थर न मिलने पर लोगों ने बर्फ के गोले सुरक्षा बलों पर फेंकने शुरू कर दिए। स्थिति को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। इससे भी बात नहीं बनी तो पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और हवाई फायरिंग की गई। हिंसक प्रदर्शनों में दर्जनभर से अधिक लोग घायल हुए हैं। मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है। पूरे इलाके में तनाव की स्थिति है।
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जिले के देवसर इलाके के कीलम में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने तड़के घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। घेरा सख्त होता देख मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। आठ घंटे से अधिक चली मुठभेड़ में पांच आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली।
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#UPDATE on Kulgam encounter: Five terrorists have been killed; weapons and warlike stores recovered. Operation over. #JammuAndKashmir https://t.co/zWNvh4jFE6
— ANI (@ANI) February 10, 2019
सूत्रों के अनुसार मारे गए आतंकियों में वसीम बशीर राथर उर्फ जीशान (अशमूजी-कुलगाम), जाहिद पररे (गोपालपोरा-कुलगाम), इदरीश भट (आरवानी-अनंतनाग), आकिब नजीर मीर (जोंगालपोरा-कुलगाम) तथा परवेज भट (मोकदमपोरा) के थे। हालांकि, पुलिस ने अभी मारे गए आतंकियों के नाम तथा संगठन के बारे में जानकारी नहीं दी है। दोपहर बाद 1:24 बजे चिनार कोर की ओर से ट्वीट कर पांच आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की गई।
मुठभेड़ शुरू होते ही आस-पास के गांवों से भी लोग मौके पर जुटने शुरू हो गए। नारेबाजी के साथ ही उन्होंने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक लोगों की भीड़ जुटते देखकर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने मुठभेड़स्थल के बाहर सुरक्षा घेरा सख्त कर दिया। बर्फबारी के चलते पत्थर नहीं मिले तो लोगों ने बर्फ के गोले ही सुरक्षा बलों पर फेंकने शुरू कर दिए। काफी देर तक हिंसक प्रदर्शन चलते रहे।
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सभी ने पिछले साल थामा था आतंक का दामन
मारे गए सभी आतंकियों ने वर्ष 2018 में आतंकी संगठन का दामन थामा था। आतंक के रास्ते पर चलते हुए इनमें से किसी ने भी एक साल से अधिक का समय पूरा नहीं किया। सूत्रों के अनुसार मारा गया वसीम पीएचडी स्कालर था। सभी सुरक्षा बलों तथा उनके प्रतिष्ठानों पर हमले के कई मामलों में शामिल थे।
पिछले साल 259 आतंकी मारे गए थे
आपरेशन आल आउट के तहत वर्ष 2018 में 259 आतंकी मारे गए। इसके साथ ही आतंकियों से मुठभेड़ में 96 सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए। पिछले साल सुरक्षा बलों को आपरेशन में भारी सफलता मिली थी।
अब तक 27 आतंकी ढेर
घाटी में इस साल अब तक 27 आतंकी मार गिराए गए हैं। सबसे बड़ी सफलता सेना की टाप टेन लिस्ट में शामिल अल-बदर के टाप कमांडर जीनत-उल-इस्लाम को मार गिराने में मिली थी।
पीएचडी स्कालर था वसीम
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, मुठभेड़ में मारा गया हिजबुल आतंकी वसीम बशीर पीएचडी स्कालर था।
मुठभेड़ के दौरान भड़की हिंसा, इंटरनेट और रेल सेवा बंद
मुठभेड़ के दौरान पत्थरबाजों ने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले का प्रयोग करते हुए उन्हें भगाने की कोशिश की मगर तनाव बढ़ता गया। उधर मुठभेड़ शुरू होते ही पूरे इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। वहीं रेल सेवा भी आज श्रीनगर से बनिहाल तक बंद कर दी गई है।
मारे गए सभी आतंकियों ने वर्ष 2018 में आतंकी संगठन का दामन थामा था। आतंक के रास्ते पर चलते हुए इनमें से किसी ने भी एक साल से अधिक का समय पूरा नहीं किया। सूत्रों के अनुसार मारा गया वसीम पीएचडी स्कालर था। सभी सुरक्षा बलों तथा उनके प्रतिष्ठानों पर हमले के कई मामलों में शामिल थे।
पिछले साल 259 आतंकी मारे गए थे
आपरेशन आल आउट के तहत वर्ष 2018 में 259 आतंकी मारे गए। इसके साथ ही आतंकियों से मुठभेड़ में 96 सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए। पिछले साल सुरक्षा बलों को आपरेशन में भारी सफलता मिली थी।
अब तक 27 आतंकी ढेर
घाटी में इस साल अब तक 27 आतंकी मार गिराए गए हैं। सबसे बड़ी सफलता सेना की टाप टेन लिस्ट में शामिल अल-बदर के टाप कमांडर जीनत-उल-इस्लाम को मार गिराने में मिली थी।
पीएचडी स्कालर था वसीम
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, मुठभेड़ में मारा गया हिजबुल आतंकी वसीम बशीर पीएचडी स्कालर था।
मुठभेड़ के दौरान भड़की हिंसा, इंटरनेट और रेल सेवा बंद
मुठभेड़ के दौरान पत्थरबाजों ने सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले का प्रयोग करते हुए उन्हें भगाने की कोशिश की मगर तनाव बढ़ता गया। उधर मुठभेड़ शुरू होते ही पूरे इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। वहीं रेल सेवा भी आज श्रीनगर से बनिहाल तक बंद कर दी गई है।