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Emergency: ताकि न हो एक्सीडेंट से मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 17 Apr 2015 01:15 AM IST
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रियासत के दूरवर्ती इलाकों में बढ़ते सड़क हादसों और अन्य आपदाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में रात्रि इमरजेंसी मजबूत होगी। अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ और दवाइयों की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाया जाएगा। जिला स्तर से रेफर होने वाले मरीजों के चलन पर भी नकेल कसी जाएगी।
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इसके लिए शहरी अस्पतालों में बेवजह भेजे जाने वाले मरीजों की रिपोर्ट तलब की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिला और दूरवर्ती अस्पताल प्रशासनों को निर्देश जारी किए हैं कि रात्रि ड्यूटी में बीस पैरा मेडिकल स्टाफ, दो डाक्टर और एक एंबुलेंस उपलब्ध रहे।
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अक्सर ऐसे इलाकों में रात्रि में मरीजों को उचित इलाज देने के बजाय शहरी अस्पतालों में रेफर करने की शिकायतें ज्यादा रही हैं। रात्रि स्टाफ में पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता के लिए ढांचागत सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। इसमें स्टाफ के ठहरने के लिए क्वार्टरों और अन्य दूसरे इंतजाम किए जाएंगे।
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दूरवर्ती अस्पतालों को शहरी अस्पतालों की तर्ज पर अपग्रेड किया जा रहा है। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार दूरवर्ती इलाकों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सभी उचित कदम उठाए जा रहे हैं।