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ग्यारह वैज्ञानिकों को यंग साइंटिस्ट अवार्ड

Sun, 15 Mar 2015 11:11 AM IST
Updated Sun, 15 Mar 2015 11:11 AM IST
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Eleven scientists have been awarded

राज्यपाल एनएन वोहरा ने कहा कि रियासत में बेमौसम बदलाव गंभीर समस्या है। ग्लोबल वार्मिंग से मौसम के साथ वातावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। वैज्ञानिकों को जमीनी स्तर पर आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के साथ ऐसी समस्याओं के निराकरण पर समन्वय बनाकर काम करने की जरूरत है।

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आम लोगों से जुड़ी समस्याओं के हल के लिए शोधों पर काम होना चाहिए। शनिवार को जम्मू विश्वविद्यालय में तीन दिन के लिए शुरू 10वीं जेके साइंस कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में पहुंचे वोहरा ने स्थानीय स्रोतों में तकनीक को विकसित करने पर जोर दिया।
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इस दौरान 11 युवा वैज्ञानिकों को यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। ये हुए अवार्ड से सम्मानित-
इस दौरान यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित होने वालों में प्लांट ब्रीडिंग एंड जेनेटिक में डा. परवेज अहमद सोफी, इंवायरमेंटल साइंसेस (अर्थ, एटमासफेयर और प्लेनटरी साइंस) में डा. इरफान रशीद और डा. रिफात जान, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी में डा. अजय कौल व शब्बीर अहमद सोफी, डा. आबिद हमीद डार व मंजूर अहमद राथर को लाइफ साइंस, केमिकल साइंस के क्षेत्र में डा. परविंदर पाल सिंह, मैथेमेटिकल साइंस, स्टैटिक्स और कंप्यूटर साइंस में डा. मुख्तियार अहमद खांडे और डा. ज्योति महाजन, होम/सोशल साइंस में डा. सारिका मन्हास शामिल रहे।
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साइंस कांग्रेस में इन ब‌िषयों पर होगी चर्चा

Eleven scientists have been awarded

समावेशी विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय पर हो रही कांग्रेस में देशभर से करीब पांच सौ शोधकर्ता और प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि पिछले साल कश्मीर में जबरदस्त बाढ़ के बाद दिसंबर-जनवरी में बारिश न होकर मार्च में पानी बरसना गंभीर समस्या है।

रियासत की 70 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में मौसम में सामान्य से बदलाव चिंता का विषय है। उन्होंने रियासत के विश्वविद्यालयों से तालमेल मजबूत करके हार्टिकल्चर, आर्गेनिक फार्मिंग, फिशरी, पोल्ट्री आदि क्षेत्रों को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी से समाज के कल्याण, विकास और शांति के लिए काम किया जाए। इस दौरान कुलपति प्रो. आरडी शर्मा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश होने के साथ दूसरी बड़ी आबादी वाला देश है और वर्ष 2020 में सबसे ज्यादा युवा आबादी वाला देश होगा।

ऐसे में भारत के पास सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने के लिए विज्ञान और तकनीक ही सहारा है। शाम को राजेंद्र सिंह सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ। 16 मार्च को साइंस कांग्रेस का समापन होगा।

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