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अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं से बिजली-पानी का शुल्क वसूलेगा नगर निगम
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जम्मू में रोहिंग्या मुस्लिमों की झुग्गियां।
जम्मू। अवैध रूप से जम्मू में रहने वाले रोहिंग्याओं से भी नगर-निगम बिजली पानी का शुल्क वसूलेगा। इस समय यह लोग अवैध रूप से बिजली और पानी ले रहे हैं। जिसका कोई सरकारी खाता ही नहीं हैं। खाली जगहों पर कई लोगों ने इनको झुग्गियां बनाकर दी हुई हैं, लेकिन किसी के पास भी बिजली के कनेक्शन नहीं। न ही पानी लेने का कनेक्शन है। यह लोग अवैध रूप से रहने के साथ साथ तमाम तरह की सुविधाएं भी अवैध रूप से ले रहे हैं।
नगर निगम की डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा से इनके रूप से अवैध रहने और अवैध बिजली पानी लेने के मामले पर बात की गई। उन्होंने बताया कि नगर निगम आयुक्त के साथ बातचीत हुई है। इन लोगों से जल्द ही शुल्क लिया जाएगा। इस समय निशुल्क अवैध रूप से बिजली-पानी ले रहे हैं। यह पूछने पर कि अवैध रूप से रहने वाले इन लोगों को अधिकारिक तौर पर यह सुविधाएं कैसे दी जा सकती हैं, तो उन्होंने कहा कि अवैध रूप से रह रहे हैं, लेकिन यह निगम के अधीन नहीं आता। इस पर कार्रवाई दूसरे विभागों को करनी है। निगम बस इनके बिजली-पानी के चोरी करने के मामले पर संज्ञान लेगा और इसके बदले शुल्क लेगा।
फिलहाल बाहर निकालने का कोई आदेश नहीं
रोहिंग्याओं की संख्या शहर में अधिकारिक तौर पर दस हजार के आसपास है। यह लोग अवैध रूप से रह रहे हैं और इनको बाहर निकालने के लिए कई संगठन आवाज भी बुलंद कर चुके हैं। इसमें इकजुट जम्मू, बार एसोसिएशन, चैंबर आफ कामर्स और हिंदु संगठन शामिल हैं। लेकिन रोहिंग्या अब भी प्रदेश और शहर में रह रहे हैं। जिनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं। न ही निगम और प्रशासन की तरफ से इनको बाहर निकालने के लिए कोई कदम उठाया गया है।
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सर्दियों में जान जोखिम में
रोहिंग्याओं की बस्ती में अधिकतर झुग्गियां प्लास्टिक के टेंट और लकड़ी से बनी हुई हैं। पिछले चार साल से लगातार इन बस्तियों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। मराठा बस्ती में दो बार आग लगी और नरवाल स्थित झुग्गियों में भी दो बार आग लगी। आग लगने का कारण इन झुग्गियों में उलझी हुई बिजली की तारें हैं। इनमें शार्ट सर्किट होने से आग लग जाती है। एक बार तो पांच लोगों की मौत भी हो गई।
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नगर निगम की डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा से इनके रूप से अवैध रहने और अवैध बिजली पानी लेने के मामले पर बात की गई। उन्होंने बताया कि नगर निगम आयुक्त के साथ बातचीत हुई है। इन लोगों से जल्द ही शुल्क लिया जाएगा। इस समय निशुल्क अवैध रूप से बिजली-पानी ले रहे हैं। यह पूछने पर कि अवैध रूप से रहने वाले इन लोगों को अधिकारिक तौर पर यह सुविधाएं कैसे दी जा सकती हैं, तो उन्होंने कहा कि अवैध रूप से रह रहे हैं, लेकिन यह निगम के अधीन नहीं आता। इस पर कार्रवाई दूसरे विभागों को करनी है। निगम बस इनके बिजली-पानी के चोरी करने के मामले पर संज्ञान लेगा और इसके बदले शुल्क लेगा।
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फिलहाल बाहर निकालने का कोई आदेश नहीं
रोहिंग्याओं की संख्या शहर में अधिकारिक तौर पर दस हजार के आसपास है। यह लोग अवैध रूप से रह रहे हैं और इनको बाहर निकालने के लिए कई संगठन आवाज भी बुलंद कर चुके हैं। इसमें इकजुट जम्मू, बार एसोसिएशन, चैंबर आफ कामर्स और हिंदु संगठन शामिल हैं। लेकिन रोहिंग्या अब भी प्रदेश और शहर में रह रहे हैं। जिनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं। न ही निगम और प्रशासन की तरफ से इनको बाहर निकालने के लिए कोई कदम उठाया गया है।
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सर्दियों में जान जोखिम में
रोहिंग्याओं की बस्ती में अधिकतर झुग्गियां प्लास्टिक के टेंट और लकड़ी से बनी हुई हैं। पिछले चार साल से लगातार इन बस्तियों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। मराठा बस्ती में दो बार आग लगी और नरवाल स्थित झुग्गियों में भी दो बार आग लगी। आग लगने का कारण इन झुग्गियों में उलझी हुई बिजली की तारें हैं। इनमें शार्ट सर्किट होने से आग लग जाती है। एक बार तो पांच लोगों की मौत भी हो गई।