एक भारत श्रेष्ठ भारत सम्मेलनः अगले सम्मेलन की मेजबानी का वादा कर रवाना हुए तमिलनाडु के अधिकारी
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केंद्र सरकार व 19 राज्यों के सहयोग से जम्मू में सुशासन सम्मेलन के बाद आपदा प्रबंधन और जल शक्ति पर फोकस करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। केंद्र व तामिलनाडु सरकार के सहयोग से करवाए गए सम्मेलन में प्रदेश के अधिकारियों का दायरा भी बढ़ गया है। वर्ष 2020 में इस सम्मेलन की मेजबानी तामिलनाडु करेगा। सम्मेलन समापन पर तामिलनाडु व केंद्र के अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर के अफसरों से विदा ली।
इससे पूर्व एलजी के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि देश को एक सूत्र में पिरोने की कवायद के तहत एक भारत श्रेष्ठ भारत सम्मेलन का आयोजन किया गया। अगले चरण में पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में भी सम्मेलन होंगे।
एलजी के सलाहकार फारूक खान ने कहा कि भूकंप के मामले में बेहतर आपदा प्रबंधन से अनमोल जिंदगियां व संपत्ति के नुकसान को बचाया जा सकता है। इससे पूर्व शहरी बाढ़ पर सत्र में बाढ़ का प्रबंधन, 2014 में श्रीनगर में आई बाढ़ और 2015 में चेन्नई में आई बाढ़ में एनडीआरएफ के बचाव अभियानों के अलावा इमरजेंसी रिस्पांस और जल्द चेतावनी जारी करने पर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। झेलम में 2014 की बाढ़ जैसी स्थिति न बने इसके लिए प्रदेश के अधिकारी अशोक ने कार्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में आपदा प्रबंधन पर 170 करोड़ खर्च
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिमरनदीप सिंह ने इस अवसर पर बताया कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आपदा प्रबंधन पर 170 करोड़ की राशि खर्च की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बोर्ड में अलग से आपदा प्रबंधन विभाग स्थापित किया गया है। उन्हें पूरी तरह से प्रशिक्षित बनाया गया है।
भूकंप, भूस्खलन व पत्थर गिरने की घटनाओं को कम करने के लिए अभिनव तकनीकों का सहारा लिया गया है। यात्रा मार्ग पर माड्यूलर शेल्टर शेड बनाए जा रहे हैं। वन में आग को रोकने के लिए बेहतर तंत्र स्थापित किया गया है। वन्य जीव श्रद्धालुओं को नुकसान न पहुंचाएं इसके लिए एलईडी लाइटें यात्रा मार्ग पर लगाई गई है। एनडीआरएफ के सहयोग से कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण मुहैया करवाया गया है।