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Jammu News: प्राइमरी स्कूल सोनी में 35 बच्चों को पढ़ा रहा एक शिक्षक
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उधमपुर। बसंतगढ़ में पड़ती पंचायत खनेड़ का प्राइमरी स्कूल सोनी 2004 में खोला गया था लेकिन हैरानी की बात है कि 20 साल बीत जाने के बाद भी आज तक इस स्कूल को अपग्रेड नहीं किया गया।
मौजूदा समय में स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की संख्या 35 के करीब है लेकिन पिछले तीन साल से एक ही शिक्षक स्कूल में सब बच्चों को पढ़ा रहा है। कई बार विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद समस्या का समाधान आज तक नहीं हो सका।
पूर्व सरपंच शमशाद अख्तर, रसीद हुसैन, इम्तियाज अहमद और असफाक हुसैन ने बताया कि कई बार स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिख चुके हैं लेकिन उसके बावजूद समस्या का समाधान आज तक नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पहले स्कूल में दो शिक्षक लगाए गए थे लेकिन तीन साल पहले एक शिक्षक को यहां से किसी दूसरी जगह पर भेज दिया गया था। इसके बाद आज तक कोई दूसरा शिक्षक स्कूल में नहीं आया है। मौजूदा समय में एक ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि 20 साल बीत जाने के बाद भी स्कूल को अपग्रेड तक नहीं किया जा सका है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षकों की संख्या को बढ़ाने की मांग की है ताकि बच्चों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।
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इस संदर्भ में डिप्टी सीईओ कल्पना जसरोटिया का कहना था कि विभाग की ओर से जब भी शिक्षकों को विभिन्न स्कूलों में नियुक्त किया जाएगा, उस समय इस स्कूल को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षक की तैनाती की जाएगी ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
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मौजूदा समय में स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की संख्या 35 के करीब है लेकिन पिछले तीन साल से एक ही शिक्षक स्कूल में सब बच्चों को पढ़ा रहा है। कई बार विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद समस्या का समाधान आज तक नहीं हो सका।
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पूर्व सरपंच शमशाद अख्तर, रसीद हुसैन, इम्तियाज अहमद और असफाक हुसैन ने बताया कि कई बार स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिख चुके हैं लेकिन उसके बावजूद समस्या का समाधान आज तक नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पहले स्कूल में दो शिक्षक लगाए गए थे लेकिन तीन साल पहले एक शिक्षक को यहां से किसी दूसरी जगह पर भेज दिया गया था। इसके बाद आज तक कोई दूसरा शिक्षक स्कूल में नहीं आया है। मौजूदा समय में एक ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि 20 साल बीत जाने के बाद भी स्कूल को अपग्रेड तक नहीं किया जा सका है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षकों की संख्या को बढ़ाने की मांग की है ताकि बच्चों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।
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इस संदर्भ में डिप्टी सीईओ कल्पना जसरोटिया का कहना था कि विभाग की ओर से जब भी शिक्षकों को विभिन्न स्कूलों में नियुक्त किया जाएगा, उस समय इस स्कूल को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। जल्द से जल्द स्कूल में शिक्षक की तैनाती की जाएगी ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।