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Jammu News: जलवायु संकट और मानव संवेदनशीलता पर छह दिन तक होगा मंथन
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कार्यशाला में व्याख्यान देते वैज्ञानिक संदीपन मुखर्जी स्रोत - विवि
- जम्मू विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय कार्यशाला, विज्ञान, समाज और शासन के तालमेल पर चर्चा
जम्मू। जम्मू विवि में सोमवार को जलवायु परिवर्तन और मानव संवेदनशीलता विषय पर एक सप्ताह की राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला की शुरुआत हुई। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, मानव समाज की संवेदनशीलता और शासन व्यवस्था के बीच आपसी संबंधों पर गंभीर चर्चा करना है। इसके माध्यम से वैज्ञानिक शोध, सामाजिक जरूरतों और नीतिगत ढांचे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यशाला में 75 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें विभिन्न संस्थानों के शिक्षक, वैज्ञानिक, नीति निर्धारक, शोधकर्ता और कई विभागों के अधिकारी भी हैं। उद्घाटन सत्र में पर्यावरण विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर दीपिका ने कहा कि अगस्त में बाढ़ और चिशोटी में भीषण आपदा जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट उदाहरण है।
पहले सत्र में वैज्ञानिक संदीपन मुखर्जी ने हिमालयी क्षेत्र के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर प्रकाश डाला। इसके बाद राजनीतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर बलजीत सिंह ने जलवायु समानता और वैश्विक राजनीति से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। अंतिम सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल के प्रोफेसर सुदेश यादव ने वायुमंडलीय गैसों, वायु गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य के आपसी संबंधों पर व्याख्यान दिया।
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जम्मू। जम्मू विवि में सोमवार को जलवायु परिवर्तन और मानव संवेदनशीलता विषय पर एक सप्ताह की राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला की शुरुआत हुई। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, मानव समाज की संवेदनशीलता और शासन व्यवस्था के बीच आपसी संबंधों पर गंभीर चर्चा करना है। इसके माध्यम से वैज्ञानिक शोध, सामाजिक जरूरतों और नीतिगत ढांचे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यशाला में 75 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें विभिन्न संस्थानों के शिक्षक, वैज्ञानिक, नीति निर्धारक, शोधकर्ता और कई विभागों के अधिकारी भी हैं। उद्घाटन सत्र में पर्यावरण विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर दीपिका ने कहा कि अगस्त में बाढ़ और चिशोटी में भीषण आपदा जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट उदाहरण है।
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पहले सत्र में वैज्ञानिक संदीपन मुखर्जी ने हिमालयी क्षेत्र के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पर प्रकाश डाला। इसके बाद राजनीतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर बलजीत सिंह ने जलवायु समानता और वैश्विक राजनीति से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। अंतिम सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल के प्रोफेसर सुदेश यादव ने वायुमंडलीय गैसों, वायु गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य के आपसी संबंधों पर व्याख्यान दिया।
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