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Jammu News: आरआरईटी शिक्षकों के लिए बनेगी नई तबादला नीति, विभाग ने समिति बनाई
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- छह अधिकारियों की समिति दो माह में देगी रिपोर्ट, मौजूदा नियमों और कठिन तैनाती जैसे मुद्दों का करेगी अध्ययन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकार ने नियमित रेहबर-ए तालीम (आरआरईटी) शिक्षकों के तबादले और तैनाती की नई नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए छह सदस्यों की समिति गठित की है। यह समिति दो माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और नई तबादला नीति का मसौदा सरकार को सौंपेगी।
समिति की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव करेंगे। समिति में विभाग के अतिरिक्त सचिव, संयुक्त निदेशक कश्मीर, संयुक्त निदेशक जम्मू, उप सचिव (सदस्य सचिव) और अवर सचिव को शामिल किया गया है। जरूरत पड़ने पर समिति किसी और अधिकारी को भी अपने साथ जोड़ सकती है। समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह मौजूदा तबादला नियमों का अध्ययन करे और आरआरईटी शिक्षकों के लिए एक समान, जरूरत के आधार पर और विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर नई नीति तैयार करे। इसके साथ ही समिति यह भी देखेगी कि समय समय पर तबादले, कठिन इलाकों में तैनाती और अवधि आधारित तैनाती कितनी व्यावहारिक और उपयोगी है। सरकार का कहना है कि नई नीति से शिक्षकों की तैनाती में पारदर्शिता आएगी, स्टाफ का बेहतर संतुलन बनेगा और स्कूलों में कामकाज सुचारु होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकार ने नियमित रेहबर-ए तालीम (आरआरईटी) शिक्षकों के तबादले और तैनाती की नई नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए छह सदस्यों की समिति गठित की है। यह समिति दो माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और नई तबादला नीति का मसौदा सरकार को सौंपेगी।
समिति की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव करेंगे। समिति में विभाग के अतिरिक्त सचिव, संयुक्त निदेशक कश्मीर, संयुक्त निदेशक जम्मू, उप सचिव (सदस्य सचिव) और अवर सचिव को शामिल किया गया है। जरूरत पड़ने पर समिति किसी और अधिकारी को भी अपने साथ जोड़ सकती है। समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह मौजूदा तबादला नियमों का अध्ययन करे और आरआरईटी शिक्षकों के लिए एक समान, जरूरत के आधार पर और विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर नई नीति तैयार करे। इसके साथ ही समिति यह भी देखेगी कि समय समय पर तबादले, कठिन इलाकों में तैनाती और अवधि आधारित तैनाती कितनी व्यावहारिक और उपयोगी है। सरकार का कहना है कि नई नीति से शिक्षकों की तैनाती में पारदर्शिता आएगी, स्टाफ का बेहतर संतुलन बनेगा और स्कूलों में कामकाज सुचारु होगा।
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