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Jammu News: छात्राओं ने महिला थाने में जानी कार्यप्रणाली, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
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पुलिस दोस्त कार्यक्रम में अफसरों ने किया जागरूक, कहा - 112 डायल कर करें मनचलों की शिकायत
संवाद न्यूज़ एजेंसी
जम्मू। अमर उजाला फाउंडेशन ने वीरवार को गांधीनगर महिला थाने में पुलिस दोस्त कार्यक्रम करवाया। इसमें सरकारी स्कूल घो मन्हासा की छात्राओं को महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच से अवगत कराया गया। छात्राओं ने थाने का भ्रमण कर कार्यप्रणाली, शिकायत दर्ज होने से लेकर काउंसलिंग व सुलह-समझौते तक की पूरी प्रक्रिया जानी।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को एक-एक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया। उन्हें 112 हेल्पलाइन नंबर देकर खुलकर अपराध के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। पीएसआई श्वेता शर्मा, सौरव सूदन और कुमार विशेष ने छात्राओं को पूरे थाने का भ्रमण करवाया। जांच अधिकारी के कक्ष में जाकर छात्राओं ने पूरी प्रक्रिया को देखा और सवाल पूछे कि कब-कैसे रिपोर्ट करवा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी वक्त आप फोन कर शिकायत और सूचना दे सकती हैं। सूचना मिलते ही पुलिस आप तक तुरंत पहुंचेगी। थाने में बने लॉकअप को दिखाया। छात्राओं ने सवाल किए कि कोई 18 साल से कम उम्र वाला अपराध करता है तो क्या उसके लिए यही प्रक्रिया है। उसे भी इसी लॉकअप में रहना होगा। इस पर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जुवेनाइल मामलों की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। समझाया कि ऐसे विशेष मामलों के लिए अलग प्रक्रिया होती है। इसके बाद छात्राओं को काउंसलिंग सेल का भरम करवाया गया। वहां उन्हें समझाया गया कि कैसे सही काउंसलिंग और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के साथ मामलों को बड़ा विवाद बनने से रोका जाता है।
थाना प्रभारी आरती ठाकुर ने छात्राओं को जागरूक किया कि अपराध को तुरंत भांप लें और इससे पहले कि अपराध को अंजाम दिया जाए उससे पहले पुलिस को सूचित किया जाए। मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव, अनजान लोगों से दूरी और स्कूल आने-जाने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने छात्राओं को सुझाव दिया कि यदि अकेले कोई सफर करना पड़े तो तुरंत परिवार वालों को वाहन का नंबर और लोकेशन भेजें ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो। यदि कोई गलत मंशा से पीछा करता है या जबरदस्ती करता है तो तुरंत 112 डायल करें। पुलिस उसी वक्त मौके पर पहुंचेगी।
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छात्राओं के अनुभव
12वीं कक्षा की छात्रा आंचल ने बताया कि पहली बार यह जाना कि महिला पुलिस किस तरह संवेदनशील मामलों में कार्य करती है। इससे उन्हें महिलाओं की सुरक्षा और कानूनों के प्रति अधिक जागरूकता मिली। छात्रा अंजली ने बताया कि किताबों में जो पढ़ते हैं उसका वास्तविक अनुभव आज यहां देखने को मिला। महिला पुलिसकर्मियों का व्यवहार उनकी कार्यशैली और पीड़ितों की मदद के प्रति समर्पण को देखकर प्रेरणा मिली। कृतिका का कहना है कि पुलिस आज सच में दोस्त लग रही है। हेल्पलाइन नंबर खुद तो नोट किया है अन्य साथी युवतियों को भी देंगी। शिखा ने कहा कि आज पुलिस दोस्त कार्यक्रम में जो कुछ भी सीखा जिंदगी भर याद रहेगा। इस जागरूकता को केवल अपने तक सीमित नहीं रखूंगी अन्य छात्राओं के साथ भी साझा कर उन्हें भी निडर करूंगी।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
जम्मू। अमर उजाला फाउंडेशन ने वीरवार को गांधीनगर महिला थाने में पुलिस दोस्त कार्यक्रम करवाया। इसमें सरकारी स्कूल घो मन्हासा की छात्राओं को महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच से अवगत कराया गया। छात्राओं ने थाने का भ्रमण कर कार्यप्रणाली, शिकायत दर्ज होने से लेकर काउंसलिंग व सुलह-समझौते तक की पूरी प्रक्रिया जानी।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को एक-एक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया। उन्हें 112 हेल्पलाइन नंबर देकर खुलकर अपराध के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। पीएसआई श्वेता शर्मा, सौरव सूदन और कुमार विशेष ने छात्राओं को पूरे थाने का भ्रमण करवाया। जांच अधिकारी के कक्ष में जाकर छात्राओं ने पूरी प्रक्रिया को देखा और सवाल पूछे कि कब-कैसे रिपोर्ट करवा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी वक्त आप फोन कर शिकायत और सूचना दे सकती हैं। सूचना मिलते ही पुलिस आप तक तुरंत पहुंचेगी। थाने में बने लॉकअप को दिखाया। छात्राओं ने सवाल किए कि कोई 18 साल से कम उम्र वाला अपराध करता है तो क्या उसके लिए यही प्रक्रिया है। उसे भी इसी लॉकअप में रहना होगा। इस पर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें जुवेनाइल मामलों की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। समझाया कि ऐसे विशेष मामलों के लिए अलग प्रक्रिया होती है। इसके बाद छात्राओं को काउंसलिंग सेल का भरम करवाया गया। वहां उन्हें समझाया गया कि कैसे सही काउंसलिंग और दोनों पक्षों के बीच बातचीत के साथ मामलों को बड़ा विवाद बनने से रोका जाता है।
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थाना प्रभारी आरती ठाकुर ने छात्राओं को जागरूक किया कि अपराध को तुरंत भांप लें और इससे पहले कि अपराध को अंजाम दिया जाए उससे पहले पुलिस को सूचित किया जाए। मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव, अनजान लोगों से दूरी और स्कूल आने-जाने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी। थाना प्रभारी ने छात्राओं को सुझाव दिया कि यदि अकेले कोई सफर करना पड़े तो तुरंत परिवार वालों को वाहन का नंबर और लोकेशन भेजें ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो। यदि कोई गलत मंशा से पीछा करता है या जबरदस्ती करता है तो तुरंत 112 डायल करें। पुलिस उसी वक्त मौके पर पहुंचेगी।
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छात्राओं के अनुभव
12वीं कक्षा की छात्रा आंचल ने बताया कि पहली बार यह जाना कि महिला पुलिस किस तरह संवेदनशील मामलों में कार्य करती है। इससे उन्हें महिलाओं की सुरक्षा और कानूनों के प्रति अधिक जागरूकता मिली। छात्रा अंजली ने बताया कि किताबों में जो पढ़ते हैं उसका वास्तविक अनुभव आज यहां देखने को मिला। महिला पुलिसकर्मियों का व्यवहार उनकी कार्यशैली और पीड़ितों की मदद के प्रति समर्पण को देखकर प्रेरणा मिली। कृतिका का कहना है कि पुलिस आज सच में दोस्त लग रही है। हेल्पलाइन नंबर खुद तो नोट किया है अन्य साथी युवतियों को भी देंगी। शिखा ने कहा कि आज पुलिस दोस्त कार्यक्रम में जो कुछ भी सीखा जिंदगी भर याद रहेगा। इस जागरूकता को केवल अपने तक सीमित नहीं रखूंगी अन्य छात्राओं के साथ भी साझा कर उन्हें भी निडर करूंगी।