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Jammu News: वयस्कों के लिए डोगरी की किताब होगी और आसान
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- एससीईआरटी ने विशेषज्ञों के साथ की समीक्षा, भाषा, उदाहरण और चित्रों में होंगे सुधार
- सुझावों के बाद उल्लास प्राइमर को दिया जाएगा अंतिम रूप
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डोगरी भाषा में वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए तैयार की जा रही उल्लास प्राइमर को और आसान बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के राज्य साक्षरता केंद्र ने शनिवार को विशेषज्ञों के साथ बैठक कर किताब की समीक्षा की। सुझावों के आधार पर इसमें जरूरी बदलाव किए जाएंगे, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में किताब की भाषा, शब्दों, उदाहरणों, चित्रों और सामग्री पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि किताब ऐसी हो, जिसे पहली बार पढ़ाई शुरू करने वाला वयस्क भी आसानी से समझ सके। इस बात पर भी जोर दिया गया कि किताब में स्थानीय भाषा और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरण शामिल किए जाएं, ताकि सीखना आसान हो। यह किताब नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत चल रहे उल्लास अभियान के लिए तैयार की जा रही है। इसका मकसद उन वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो किसी कारण से स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। समीक्षा में जम्मू विश्वविद्यालय के डोगरी विभाग, एमएएम कॉलेज और सरकारी डिग्री कॉलेज, ज्यौड़ियां के विशेषज्ञों ने भाग लिया और किताब को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
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- सुझावों के बाद उल्लास प्राइमर को दिया जाएगा अंतिम रूप
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डोगरी भाषा में वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाने के लिए तैयार की जा रही उल्लास प्राइमर को और आसान बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के राज्य साक्षरता केंद्र ने शनिवार को विशेषज्ञों के साथ बैठक कर किताब की समीक्षा की। सुझावों के आधार पर इसमें जरूरी बदलाव किए जाएंगे, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में किताब की भाषा, शब्दों, उदाहरणों, चित्रों और सामग्री पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि किताब ऐसी हो, जिसे पहली बार पढ़ाई शुरू करने वाला वयस्क भी आसानी से समझ सके। इस बात पर भी जोर दिया गया कि किताब में स्थानीय भाषा और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरण शामिल किए जाएं, ताकि सीखना आसान हो। यह किताब नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत चल रहे उल्लास अभियान के लिए तैयार की जा रही है। इसका मकसद उन वयस्कों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो किसी कारण से स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। समीक्षा में जम्मू विश्वविद्यालय के डोगरी विभाग, एमएएम कॉलेज और सरकारी डिग्री कॉलेज, ज्यौड़ियां के विशेषज्ञों ने भाग लिया और किताब को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
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