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नई शिक्षा नीति के तहत इस सत्र से शुरू होगा समान शैक्षणिक कलैंडर
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नई शिक्षा नीति के तहत इस सत्र से समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश के अनुसार कॉलेजों में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्त्रस्म भी शुरू होंगे।
प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के तौर तरीकों की समीक्षा पर चर्चा के लिए वीरवार को मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। इसमें निर्णय लिया गया कि अगले सत्र से जम्मू-कश्मीर के उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस (सीयूईटी) परीक्षा ली जाएगी। लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा। डॉ. मेहता ने कहा कि इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव होंगे। सभी विवि के कुलपतियों के सुझावों से एक अप्रैल को शिक्षण संस्थानों में नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है।
इसके तहत संस्थानों में कई प्रकार के सुधार होंगे। उन्होंने सभी वीसी को अकादमिक कैलेंडर व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए कहा है। इस कैलेंडर के अनुसार शिक्षण संस्थानों में दाखिला मिलेगा और नया पाठ्यक्त्रस्म भी पढ़ाया जाएगा। विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि छात्र सरकारी नौकरी के बजाय स्वरोजगार अपना सकें। सरकार नवाचार के लिए विश्वविद्यालयों को पूरा सहयोग करेगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने एलएमएस लांच किया है, जो छात्रों के लिए ऑनलाइन लर्निंग का समर्थन करता है। पहले चरण में 22 राजकीय डिग्री कॉलेजों (जीडीसी) को जोड़ा गया है, जबकि अगले चरण में सभी कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। विभाग ने सभी संस्थानों को सामाजिक, आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) पर विशेष जोर देने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है। विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार बढ़ावा दिया जाएघा ताकि छात्र सरकारी नौकरी के बजाए स्वा रोजगार कमा सकें। जिससे नौकरी लेना ही नहीं बल्कि दूसरों को भी नौकरी देने के काबिल बन सकेंगे। सरकार नवाचार के लिए विश्वविद्यालयों का पूरा सहयोग करेगी। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल और विश्वविद्यालयों के वीसी उपस्थित रहे।
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- मूलभूत ढांचे को बढ़ावा देने के लिए बजट में रखा प्रावधान
डॉ. मेहता ने कहा कि इस साल के वित्तीय बजट में मूलभूत ढांचे को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान रखा गया है, ताकि शिक्षण संस्थानों की स्थिति में सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को श्रेष्ठ कार्य कर सर्वोत्तम रैंकिंग प्राप्त करनी होगी।
प्रदेश के 10 डिग्री कॉलेज करेंगे सहयोगी कॉलेजों की पहचान ऱ्? प्रदेश के 10 सरकारी डिग्री कॉलेज सहयोगी कॉलेजों की पहचान करेंगे। जो संकाय और छात्रों के विनियम कार्यक्त्रस्मों को बढ़ावा देेने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग करेंगे। प्रमुख सचिव ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने एलएमएस लांच किया है। जो छात्रों के लिए ऑनलाइन लर्निंग का समर्थन करता है। पहले चरण में 22 जीडीसी को जोड़ा गया है, जबकि अगले चरण में सभी कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। विभाग ने सभी संस्थानों को सामाजिक, आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) पर विशेष जोर देवे के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है।
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में नई शिक्षा नीति के तहत इस सत्र से समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश के अनुसार कॉलेजों में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्त्रस्म भी शुरू होंगे।
प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के तौर तरीकों की समीक्षा पर चर्चा के लिए वीरवार को मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। इसमें निर्णय लिया गया कि अगले सत्र से जम्मू-कश्मीर के उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस (सीयूईटी) परीक्षा ली जाएगी। लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा। डॉ. मेहता ने कहा कि इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में कई बदलाव होंगे। सभी विवि के कुलपतियों के सुझावों से एक अप्रैल को शिक्षण संस्थानों में नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है।
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इसके तहत संस्थानों में कई प्रकार के सुधार होंगे। उन्होंने सभी वीसी को अकादमिक कैलेंडर व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए कहा है। इस कैलेंडर के अनुसार शिक्षण संस्थानों में दाखिला मिलेगा और नया पाठ्यक्त्रस्म भी पढ़ाया जाएगा। विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि छात्र सरकारी नौकरी के बजाय स्वरोजगार अपना सकें। सरकार नवाचार के लिए विश्वविद्यालयों को पूरा सहयोग करेगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने एलएमएस लांच किया है, जो छात्रों के लिए ऑनलाइन लर्निंग का समर्थन करता है। पहले चरण में 22 राजकीय डिग्री कॉलेजों (जीडीसी) को जोड़ा गया है, जबकि अगले चरण में सभी कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। विभाग ने सभी संस्थानों को सामाजिक, आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) पर विशेष जोर देने के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है। विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार बढ़ावा दिया जाएघा ताकि छात्र सरकारी नौकरी के बजाए स्वा रोजगार कमा सकें। जिससे नौकरी लेना ही नहीं बल्कि दूसरों को भी नौकरी देने के काबिल बन सकेंगे। सरकार नवाचार के लिए विश्वविद्यालयों का पूरा सहयोग करेगी। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल और विश्वविद्यालयों के वीसी उपस्थित रहे।
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- मूलभूत ढांचे को बढ़ावा देने के लिए बजट में रखा प्रावधान
डॉ. मेहता ने कहा कि इस साल के वित्तीय बजट में मूलभूत ढांचे को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान रखा गया है, ताकि शिक्षण संस्थानों की स्थिति में सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को श्रेष्ठ कार्य कर सर्वोत्तम रैंकिंग प्राप्त करनी होगी।
प्रदेश के 10 डिग्री कॉलेज करेंगे सहयोगी कॉलेजों की पहचान ऱ्? प्रदेश के 10 सरकारी डिग्री कॉलेज सहयोगी कॉलेजों की पहचान करेंगे। जो संकाय और छात्रों के विनियम कार्यक्त्रस्मों को बढ़ावा देेने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग करेंगे। प्रमुख सचिव ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने एलएमएस लांच किया है। जो छात्रों के लिए ऑनलाइन लर्निंग का समर्थन करता है। पहले चरण में 22 जीडीसी को जोड़ा गया है, जबकि अगले चरण में सभी कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। विभाग ने सभी संस्थानों को सामाजिक, आर्थिक रूप से वंचित समूहों (एसईडीजी) पर विशेष जोर देवे के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया है।