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कॉलेजों में नई शिक्षा नीति के तहत शुरू करें पाठ्यक्रम
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जम्मू। राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति का उद्देश्य मजबूत शैक्षिक तंत्र तैयार करना है, जो शिक्षार्थियों को न सिर्फ रोजगार योग्य बनाएगा, बल्कि बेहतर तरीके से सुसज्जित भी करेगा। यह बात उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने पद्मश्री पद्मा सचदेव कॉलेज गांधीनगर में नई शिक्षा नीति पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कही।
प्रमुख सचिव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर नई शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने वाला पहला प्रदेश होगा। उन्होंने कॉलेजों को नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस नीति में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स का प्रावधान भी है। इसके तहत छात्र भारत के किसी भी कॉलेज में विभिन्न पाठ्यक्रमों का ऑनलाइन अध्ययन कर सकेेंगे।
जम्मू-कश्मीर सरकार चार साल के स्नातक कार्यक्रमों के अलावा छात्रों को एक वैकल्पिक और स्वैच्छिक कौशल पाठ्यक्रम भी प्रदान कर रही है। पाठ्यक्रम में 12 प्लस 18 क्रेडिट प्रारूप होगा। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्रों को राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद की ओर से कौशल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
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कार्यशाला में क्लस्टर विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. बेचन लाल, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. आरके सिन्हा, उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव राकेश बड्याल मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव ने अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मेंटर, हब एंड स्कोप मॉ़डल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मॉडल के तहत विश्वविद्यालय विशेषज्ञता के अपने-अपने क्षेत्रों में परामर्श प्रदान करेंगे।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर नई शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने वाला पहला प्रदेश होगा। उन्होंने कॉलेजों को नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस नीति में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स का प्रावधान भी है। इसके तहत छात्र भारत के किसी भी कॉलेज में विभिन्न पाठ्यक्रमों का ऑनलाइन अध्ययन कर सकेेंगे।
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जम्मू-कश्मीर सरकार चार साल के स्नातक कार्यक्रमों के अलावा छात्रों को एक वैकल्पिक और स्वैच्छिक कौशल पाठ्यक्रम भी प्रदान कर रही है। पाठ्यक्रम में 12 प्लस 18 क्रेडिट प्रारूप होगा। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्रों को राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद की ओर से कौशल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
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कार्यशाला में क्लस्टर विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. बेचन लाल, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. आरके सिन्हा, उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव राकेश बड्याल मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव ने अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मेंटर, हब एंड स्कोप मॉ़डल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मॉडल के तहत विश्वविद्यालय विशेषज्ञता के अपने-अपने क्षेत्रों में परामर्श प्रदान करेंगे।