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शिक्षा जोन खौड़ के 10 हाई स्कूलों में प्रधानाचार्य के पद खाली
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ज्यौड़ियां। एक कारोना और दूसरा सरकार की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दिन प्रति दिन अंधकारमय होता जा रहा है। यहां खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों में ज्यादातर गरीब घरों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने जाते हैं। खौड़ शिक्षा जोन के 10 स्कूलों में प्रधानाचार्य ही नहीं हैं।
खौड़ शिक्षा जोन में कुल 13 सरकारी हाई स्कूल हैं। इनमें से 10 स्कूल दो साल से बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं। इसके चलते अभिभावक को बच्चों की पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। अभिभावकों ने बताया कि हमें बच्चों के भविष्य की चिंता है। जिस स्कूल में हेडमास्टर ही नहीं हैं उस स्कूल की जिम्मेदारी किसके हाथ होगी। जानकारी के मुताबिक हाईस्कूल कलाह, जोगवां, दतयाल, हमीरपुर सिदड, बदोवाल, खुई मिलें दी, कला, सेरीपलाई, नाथल, गुढ़ा मनासा, बेलाजमाना, पुखरनी तथा मजाम आदि शामिल हैं। इन स्कूलों में प्रधानाचार्य के पद खाली हैं।
मात्र गर्ल्स हाई स्कूल खौड़, हाई स्कूल नरायाणा तथा चक मलाल में ही मुख्य अध्यापक हैं। चक मलाल स्कूल का पद भी इसी माह खाली हो जाएगा। क्योंकि वहां तैनात प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
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शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि स्कूलों में तैनात अन्य स्टाफ हमारी तरफ ध्यान नहीं देता है। वह हमें बहुत अच्छी तरह से पढ़ाते हैं, लेकिन फिर भी जिस घर में मुखिया ही न हो उस घर की जिम्मेदारी किस के हाथ रहेगी। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में मुख्याध्यापक के पद खाली हैं। हमें बच्चों से ही जानकारी मिली है और अगर इन खाली पद को जल्द नहीं भरा गया तो हम लोग सड़क पर उतर आएंगे। क्योंकि हमें बच्चों का बरबाद होता दिख रहा है।
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हमें भी पता है कि प्रधानाचार्य स्कूलों में नहीं हैं, जिसके लिए हम ने उच्च अधिकारियों को कई बार लिखा है। अब बहुत से लोगों की पदोन्नति होने वाली है। जिससें सभी खाली पद भर जाएंगे।
-नाजनीन अख्तर, जेडईओ, खौड़
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खौड़ शिक्षा जोन में कुल 13 सरकारी हाई स्कूल हैं। इनमें से 10 स्कूल दो साल से बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं। इसके चलते अभिभावक को बच्चों की पढ़ाई की चिंता सताने लगी है। अभिभावकों ने बताया कि हमें बच्चों के भविष्य की चिंता है। जिस स्कूल में हेडमास्टर ही नहीं हैं उस स्कूल की जिम्मेदारी किसके हाथ होगी। जानकारी के मुताबिक हाईस्कूल कलाह, जोगवां, दतयाल, हमीरपुर सिदड, बदोवाल, खुई मिलें दी, कला, सेरीपलाई, नाथल, गुढ़ा मनासा, बेलाजमाना, पुखरनी तथा मजाम आदि शामिल हैं। इन स्कूलों में प्रधानाचार्य के पद खाली हैं।
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मात्र गर्ल्स हाई स्कूल खौड़, हाई स्कूल नरायाणा तथा चक मलाल में ही मुख्य अध्यापक हैं। चक मलाल स्कूल का पद भी इसी माह खाली हो जाएगा। क्योंकि वहां तैनात प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
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शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि स्कूलों में तैनात अन्य स्टाफ हमारी तरफ ध्यान नहीं देता है। वह हमें बहुत अच्छी तरह से पढ़ाते हैं, लेकिन फिर भी जिस घर में मुखिया ही न हो उस घर की जिम्मेदारी किस के हाथ रहेगी। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में मुख्याध्यापक के पद खाली हैं। हमें बच्चों से ही जानकारी मिली है और अगर इन खाली पद को जल्द नहीं भरा गया तो हम लोग सड़क पर उतर आएंगे। क्योंकि हमें बच्चों का बरबाद होता दिख रहा है।
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हमें भी पता है कि प्रधानाचार्य स्कूलों में नहीं हैं, जिसके लिए हम ने उच्च अधिकारियों को कई बार लिखा है। अब बहुत से लोगों की पदोन्नति होने वाली है। जिससें सभी खाली पद भर जाएंगे।
-नाजनीन अख्तर, जेडईओ, खौड़