'आतंकवादी बन रहे हैं पढ़े लिखे युवा'
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पढ़े लिखे युवकों के आतंकवाद का रास्ता चुनने को सेना के एक आलाधिकारी ने परेशानी पैदा करने वाला बताया है।
चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रता साह ने बडगाम जिले के रंगरेट सैन्य क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पढ़े लिखे युवकों का आतंकवाद में शामिल होना एक गंभीर विषय है, जिस पर गहन विचार करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ऐसे युवकों को सही रास्ता दिखाने के साथ-साथ उन्हें सही स्थान पर एडजस्ट करने की आवश्यकता है।
चुनाव के मद्देनजर घुसपैठ के प्रयास तेज
आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व सीमापार से घुसपैठ रोकने को उन्होंने अहम बताया। उनका कहना था कि कश्मीर के साथ लगती सीमा रेखा पर अधिकतम सतर्कता बरती जा रही है और अगामी चुनाव के मद्देनजर घुसपैठ के प्रयासों को रोकने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले साल की तुलना में इस साल घुसपैठ में काफी कमी हुई है। ये जवान तथा अवाम के सहयोग से संपन्न हो पाया है।
उन्होंने हाल ही के दिनों के दौरान घुसपैठ में बढ़ोतरी होने से इंकार करते हुए कहा कि गत कुछ समय के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेना को काफी सफलता मिली है और सीमापार से होने वाली घुसपैठ को भी रोकने में सफल रही है।
...ताकि लोग बेखौफ होकर मतदान कर सकें
उन्होंने कहा कि, हम चाहते हैं विधानसभा चुनाव के पूर्व राज्य में शांति का महौल तैयार करना जरूरी है ताकि लोग बेखौफ होकर मतदान कर सकें।
इससे पूर्व उन्होंने जम्मू-कश्मीर लाईट इंफेंटरी सेंटर में आयोजित एक कार्यकम के दौरान अशोक चक्र तथा कई बहादुरी के दूसरे पदक हासिल करने वाले नायब सूबेदार चुन्नी लाल की प्रतिमा को स्थापित किया।
नायब सूबेदार चुन्नीलाल जम्मू संभाग के डोडा जिले के भद्रवाह के रहने वाले थे। इस मौके पर सेना के कई आला अधिकारियों के अलावा उनके परिवार के सदस्य भी वहां मौजूद थे।