हथियार लाइसेंस घोटाला: जम्मू-कश्मीर में ईडी की 11 स्थानों पर दबिश, आईएएस राजीव रंजन का घर भी खंगाला
जम्मू कश्मीर में ईडी की टीमों ने 11 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि दो शस्त्र विक्रेताओं को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
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जम्मू-कश्मीर में फर्जी गन लाइसेंस घोटाले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शिकंजा कस दिया है। वीरवार को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 पीएमएलए के तहत जम्मू और श्रीनगर में 11 स्थानों पर ईडी ने छापेमारी की। आईएएस अधिकारी राजीव रंजन के आवास समेत हथियार डीलरों के ठिकानों को भी खंगाला गया। 2012 से 2016 तक 2.78 लाख फर्जी लाइसेंस जारी हुए हैं। ईडी जांच कर रही है कि इतने बड़े स्तर पर फर्जी गन लाइसेंस से जो पैसा जमा हुआ, वह कहां है। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई में त्रिकुटा नगर के दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
अलग-अलग अधिकारियों की टीमों ने वीरवार को जम्मू में आठ और श्रीनगर में तीन जगहों पर छापेमारी की। जम्मू में गांधी नगर अमरनाथ भार्गव, मुकेश भार्गव व मदन मोहन भार्गव के घर, मीरां साहिब के सिंबल मोड़ के पास बलवंत सिंह और सुरजीत सिंह के घर, त्रिकुटा नगर के भवानी बिहार मोहिंदा कोतवाल, नानक नगर में मनोहर सिंह, जीवन नगर सतवारी में देवी दयाल खजुरिया और दुष्यंत शर्मा के घर, राजीव रंजन के सरकारी आवास गुलामी बाग, उदयवाला जम्मू में रविंदर कुमार भट्ट के घर दबिश दी गई। श्रीनगर के नौगाम में इतरत हुसैन, कुपवाड़ा में गजन सिंह और तारिक अथर के घर पर ईडी ने दबिश दी है। बता दें कि इन लोगों में कई गन और हथियारों की दुकानें चलाने वाले हैं।
मामले की सीबीआई जांच भी चल रही
इस मामले में पांच महीने पहले ही सीबीआई ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश में 41 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें 10 ठिकाने गन लाइसेंस वालों के थे। हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को दो साल पहले सौंपी थी। राजस्थान के एटीएस ने खुलासा किया था कि जम्मू-कश्मीर में बड़े स्तर पर हथियारों के फर्जी लाइसेंस दिए गए हैं।
कहां छुपा है इतना पैसा?
सूत्रों के अनुसार ईडी की यह कार्रवाई इसलिए हुई है कि यदि इतने बड़े स्तर पर फर्जी लाइसेंस दिए गए हैं तो इसका पैसा भी जमा हुआ होगा। यह पैसा कहां गया, इसकी जांच की जा रही है। ईडी इस पैसे का पता लगाने के लिए कार्रवाई कर रही है।