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Jammu News: पांच वर्ष से मशीनरी की बाट जोह रहा फिल्ट्रेशन प्लांट
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प्लांट न बनने से सांबा कस्बे के लोगों को झेलनी पड़ रही पानी की किल्लत
पांच दिन बाद मिल रहा पानी, चार दिन तक बचा बचा कर करते खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे में बसंतर दरिया पर बना फिल्ट्रेशन प्लांट पांच साल से मशीनरी लगने की बाट जोह रहा है। जल शक्ति विभाग ने यहां प्लांट के लिए इमारत खड़ी कर दी, लेकिन जिस मशीन से लोगों तक पानी पहुंचाया जाना था, वही इसमें नहीं लगाई गई। इसलिए, लोग पांच साल से पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं।
कस्बे के लोगों को पानी की सुचारू आपूर्ति करने के लिए जल शक्ति विभाग ने बसंतर दरिया पर फिल्ट्रेशन प्लांट लगाने के लिए योजना बनाई थी। इसका पैसा मिलने पर विभाग ने सबसे पहले इमारत बनाई। बाद में इसमें मशीनरी लगाई जानी थी। लेकिन, आज तक मशीनरी नहीं लगाई जा सकी है। इसके कारण कस्बे में आज भी पानी की आपूर्ति पांच दिनों के बाद ही हो रही है। कस्बे की आबादी करीब 40 हजार है, जिन्हें रोजाना करीब 10 लाख गैलन पानी चाहिए। लेकिन विभाग उन्हें केवल 3 लाख गैलन ही पानी देता है। वह भी पांच दिन बाद। जब भी पानी आता है तो लोग उसे जमा कर लेते हैं, और चार दिन तक उसी से काम चलाते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि मशीनरी लग जाती तो आज कस्बे के लोगों को कुछ राहत जरूर मिलती। पांच वर्ष से तैयार इमारत में मशीनरी के न लगाए जाने से इमारत भी बर्बाद हो रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यदि फिल्ट्रेशन प्लांट में मशीनरी लग जाए तो प्रति घंटा 20 हजार गैलन पानी मिल सकता है। लेकिन, न तो जल शक्ति विभाग और न ही प्रशासन ने इस पर कोई उचित कदम उठाया है। इस कारण पांच वर्ष से लोग पानी को लेकर परेशान हैं।
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पांच वर्ष से फिल्ट्रेशन प्लांट की इमारत बनी हुई है। विभाग उसमें मशीनरी तक नहीं लगा पाया है। इमारत भी बर्बाद होने को है।
- कुमेर सिंह, पार्षद
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मैंने उपायुक्त को फिल्ट्रेशन प्लांट के बारे में जानकारी दी थी। इसकी जांच करवाई जाए कि अभी तक मशीनरी क्यों नहीं लगाई गई है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- नरेश अंबा, पूर्व उपाध्यक्ष, नगर परिषद, सांबा
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सांबा में 40 हजार की आबादी है। विभाग को इसी के अनुसार ही योजना बनानी चाहिए। लेकिन, ऐसा होता नहीं है। यही कारण है आज भी चार या पांच दिनों बाद पानी मिल रहा है।
- राज सिंह, पार्षद
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जल शक्ति विभाग कस्बे में पानी की सुचारू आपूर्ति कर पाने में असफल रहा है। सही ढंग से योजना ही नहीं बनाई जाती है। सरकारी फंड का दुरुपयोग किया जाता है।
- अजात शत्रु सिंह, स्थानीय निवासी
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मैंने अभी पदभार संभाला है। इसलिए, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मुझे जानकारी मिली थी कि किसी ठेकेदार का बकाया था। इस कारण अधिक समय लगा है। साथ ही फंड न मिलने पर भी देरी हुई है।
- मोहम्मद फारूक, एईई, जल शक्ति विभाग, सांबा
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पांच दिन बाद मिल रहा पानी, चार दिन तक बचा बचा कर करते खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। कस्बे में बसंतर दरिया पर बना फिल्ट्रेशन प्लांट पांच साल से मशीनरी लगने की बाट जोह रहा है। जल शक्ति विभाग ने यहां प्लांट के लिए इमारत खड़ी कर दी, लेकिन जिस मशीन से लोगों तक पानी पहुंचाया जाना था, वही इसमें नहीं लगाई गई। इसलिए, लोग पांच साल से पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं।
कस्बे के लोगों को पानी की सुचारू आपूर्ति करने के लिए जल शक्ति विभाग ने बसंतर दरिया पर फिल्ट्रेशन प्लांट लगाने के लिए योजना बनाई थी। इसका पैसा मिलने पर विभाग ने सबसे पहले इमारत बनाई। बाद में इसमें मशीनरी लगाई जानी थी। लेकिन, आज तक मशीनरी नहीं लगाई जा सकी है। इसके कारण कस्बे में आज भी पानी की आपूर्ति पांच दिनों के बाद ही हो रही है। कस्बे की आबादी करीब 40 हजार है, जिन्हें रोजाना करीब 10 लाख गैलन पानी चाहिए। लेकिन विभाग उन्हें केवल 3 लाख गैलन ही पानी देता है। वह भी पांच दिन बाद। जब भी पानी आता है तो लोग उसे जमा कर लेते हैं, और चार दिन तक उसी से काम चलाते हैं।
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स्थानीय लोगों के अनुसार यदि मशीनरी लग जाती तो आज कस्बे के लोगों को कुछ राहत जरूर मिलती। पांच वर्ष से तैयार इमारत में मशीनरी के न लगाए जाने से इमारत भी बर्बाद हो रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यदि फिल्ट्रेशन प्लांट में मशीनरी लग जाए तो प्रति घंटा 20 हजार गैलन पानी मिल सकता है। लेकिन, न तो जल शक्ति विभाग और न ही प्रशासन ने इस पर कोई उचित कदम उठाया है। इस कारण पांच वर्ष से लोग पानी को लेकर परेशान हैं।
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पांच वर्ष से फिल्ट्रेशन प्लांट की इमारत बनी हुई है। विभाग उसमें मशीनरी तक नहीं लगा पाया है। इमारत भी बर्बाद होने को है।
- कुमेर सिंह, पार्षद
मैंने उपायुक्त को फिल्ट्रेशन प्लांट के बारे में जानकारी दी थी। इसकी जांच करवाई जाए कि अभी तक मशीनरी क्यों नहीं लगाई गई है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- नरेश अंबा, पूर्व उपाध्यक्ष, नगर परिषद, सांबा
सांबा में 40 हजार की आबादी है। विभाग को इसी के अनुसार ही योजना बनानी चाहिए। लेकिन, ऐसा होता नहीं है। यही कारण है आज भी चार या पांच दिनों बाद पानी मिल रहा है।
- राज सिंह, पार्षद
जल शक्ति विभाग कस्बे में पानी की सुचारू आपूर्ति कर पाने में असफल रहा है। सही ढंग से योजना ही नहीं बनाई जाती है। सरकारी फंड का दुरुपयोग किया जाता है।
- अजात शत्रु सिंह, स्थानीय निवासी
मैंने अभी पदभार संभाला है। इसलिए, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मुझे जानकारी मिली थी कि किसी ठेकेदार का बकाया था। इस कारण अधिक समय लगा है। साथ ही फंड न मिलने पर भी देरी हुई है।
- मोहम्मद फारूक, एईई, जल शक्ति विभाग, सांबा