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तीन साल से नहीं हुई टंकी की सफाई
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बाड़ी ब्राह्मणा। पंचायत मीन सरकार में पानी की टंकी की तकरीबन तीन साल से सफाई नहीं की गई है। ऐसे मेें टंकी के अंदर गंदगी और घास फूस जमा हो गई है। इस टैंक से दो पंचायत के लगभग 5000 लोगों को जलापूर्ति की जाती है। लोगों के अनुसार पानी काफी प्रदूषित होता है और उसमें मिट्टी आती है।
दोनों पंचायत के नुमाइंदों और लोगों ने सफाई न होने पर रोष जाहिर किया है। इस मुद्दे पर पंचायत अपर कार्थोली के सरपंच तरसेम सिंह का कहना है कि विभाग से दो साल से के टैंक की सफाई करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कोई गंभीर नहीं दिखाई जा रही है। टैंक में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि जब जलापूर्ति होती है तो उसमें मिट्टी आती है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। जल शक्ति विभाग के एईई आशीष शर्मा से कुछ दिन पहले टैंक की सफाई कराने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि इसका टेंडर करा कर सफाई करा देंगे। सरपंच ने बताया कि ऐसा दो साल से ही कहा जा रहा है। इस मसले पर कोई भी अमलीजामा नहीं पहना रहे हैं। अगर टैंक की सफाई का काम सीमित समय में नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हमारा प्रदर्शन उग्र हो जाएगा, जिसका जिम्मेदार जल शक्ति विभाग होगा।
मीन सरकार के सरपंच भारत भूषण का कहना है कि टैंक की स्थिति काफी बदहाल हो चुकी है। कई जगहों से लीकेज है। ऐसा लगता है कि कहीं वह क्षतिग्रस्त होकर नीचे ही न गिर जाए, जिससे जानमाल का नुकसान भी हो सकता है। इस संदर्भ में एईई से कई बार बात हो चुकी है, लेकिन उनकी ओर से समस्या का हल नहीं निकल रहा है।
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टैंक की सफाई कराने के लिए टेंडर कर दिया गया था, लेकिन ठेकेदार कुछ दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव हो गया। लगभग दो माह बाद हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। इसके कारण सारा काम अधर में लटका है। अब नए सिरे से टेंडर कराया जाएगा और जल्द से जल्द इस मुद्दे को निपटा दिया जाएगा।
-आशीष शर्मा, एईई, जल शक्ति विभाग
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दोनों पंचायत के नुमाइंदों और लोगों ने सफाई न होने पर रोष जाहिर किया है। इस मुद्दे पर पंचायत अपर कार्थोली के सरपंच तरसेम सिंह का कहना है कि विभाग से दो साल से के टैंक की सफाई करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कोई गंभीर नहीं दिखाई जा रही है। टैंक में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि जब जलापूर्ति होती है तो उसमें मिट्टी आती है, जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। जल शक्ति विभाग के एईई आशीष शर्मा से कुछ दिन पहले टैंक की सफाई कराने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि इसका टेंडर करा कर सफाई करा देंगे। सरपंच ने बताया कि ऐसा दो साल से ही कहा जा रहा है। इस मसले पर कोई भी अमलीजामा नहीं पहना रहे हैं। अगर टैंक की सफाई का काम सीमित समय में नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हमारा प्रदर्शन उग्र हो जाएगा, जिसका जिम्मेदार जल शक्ति विभाग होगा।
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मीन सरकार के सरपंच भारत भूषण का कहना है कि टैंक की स्थिति काफी बदहाल हो चुकी है। कई जगहों से लीकेज है। ऐसा लगता है कि कहीं वह क्षतिग्रस्त होकर नीचे ही न गिर जाए, जिससे जानमाल का नुकसान भी हो सकता है। इस संदर्भ में एईई से कई बार बात हो चुकी है, लेकिन उनकी ओर से समस्या का हल नहीं निकल रहा है।
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टैंक की सफाई कराने के लिए टेंडर कर दिया गया था, लेकिन ठेकेदार कुछ दिन पहले ही कोरोना पॉजिटिव हो गया। लगभग दो माह बाद हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। इसके कारण सारा काम अधर में लटका है। अब नए सिरे से टेंडर कराया जाएगा और जल्द से जल्द इस मुद्दे को निपटा दिया जाएगा।
-आशीष शर्मा, एईई, जल शक्ति विभाग