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Jammu News: सरकार की नीतियों के खिलाफ डीपीएपी कार्यकर्ताओं की रैली
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पनामा चौक से मंडलायुक्त कार्यालय तक रैली निकाल प्रदेश प्रशासन की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारी एपीएल राशनधारकों के राशन को कम करने, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) के लिए बाहरी राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाने, संपत्ति कर लगाने, बिजली उपभोक्ताओं को माफी योजना का अधिक लाभ न देने, खनन ब्लॉकों की बोलियों को स्थानीय युवाओं को न देने का विरोध कर रहे थे। नेताओं ने मंडलायुक्त कार्यालय में मांगों के लिए ज्ञापन दिया।
पूर्व मंत्री व महासचिव आरएस चिब, पूर्व मंत्री जीएम सरूरी ने कहा कि सरकार ने एपीएल श्रेणी के लोगों के लिए राशन कम कर दिया है। इस कारण उन्हें बाजार में अत्यधिक दरों पर चावल खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। आगे कहा- उन लोगों के बिजली शुल्क में छूट दी जाए, जिनकी आय कम है। कुप्रबंधन के कारण पहली बार स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीयूईटी पके लिए बाहरी राज्यों में परीक्षा केंद्र बना दिए गए।
पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि बिजली के डिजिटल मीटर लगाने की नीति अच्छा कदम है, लेकिन वित्तीय अंतराल के बावजूद सभी को एक पंक्ति में देखना गलत है। लोग ऋण में दबे हैं, बेरोजगारी चरम पर है। ऐसी परिस्थितियों में संपत्ति कर लगाना गलत निर्णय है। यहां विनोद शर्मा, अरविंदर सिंह मिक्की, अनीता ठाकुर, चौधरी गारूराम, पीआर मन्हाल, सुभाष गुप्ता, गौरव चोपड़ा, विशाल चोपड़ा मौजूद रहे।
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जम्मू। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पनामा चौक से मंडलायुक्त कार्यालय तक रैली निकाल प्रदेश प्रशासन की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारी एपीएल राशनधारकों के राशन को कम करने, कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) के लिए बाहरी राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाने, संपत्ति कर लगाने, बिजली उपभोक्ताओं को माफी योजना का अधिक लाभ न देने, खनन ब्लॉकों की बोलियों को स्थानीय युवाओं को न देने का विरोध कर रहे थे। नेताओं ने मंडलायुक्त कार्यालय में मांगों के लिए ज्ञापन दिया।
पूर्व मंत्री व महासचिव आरएस चिब, पूर्व मंत्री जीएम सरूरी ने कहा कि सरकार ने एपीएल श्रेणी के लोगों के लिए राशन कम कर दिया है। इस कारण उन्हें बाजार में अत्यधिक दरों पर चावल खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। आगे कहा- उन लोगों के बिजली शुल्क में छूट दी जाए, जिनकी आय कम है। कुप्रबंधन के कारण पहली बार स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीयूईटी पके लिए बाहरी राज्यों में परीक्षा केंद्र बना दिए गए।
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पूर्व मंत्री जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि बिजली के डिजिटल मीटर लगाने की नीति अच्छा कदम है, लेकिन वित्तीय अंतराल के बावजूद सभी को एक पंक्ति में देखना गलत है। लोग ऋण में दबे हैं, बेरोजगारी चरम पर है। ऐसी परिस्थितियों में संपत्ति कर लगाना गलत निर्णय है। यहां विनोद शर्मा, अरविंदर सिंह मिक्की, अनीता ठाकुर, चौधरी गारूराम, पीआर मन्हाल, सुभाष गुप्ता, गौरव चोपड़ा, विशाल चोपड़ा मौजूद रहे।
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