{"_id":"6a10c5edab1087d5f7072696","slug":"dna-report-pocso-case-court-jammu-news-c-10-jmu1050-919349-2026-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: डीएनए रिपोर्ट में आरोपी नहीं निकला पिता, आईजी को एसआईटी बनाने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: डीएनए रिपोर्ट में आरोपी नहीं निकला पिता, आईजी को एसआईटी बनाने के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। कटड़ा के पॉक्सो मामले की जांच में गंभीर लापरवाही पर हाईकोर्ट ने आईजी को एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट में आरोपी के नमूनों का मिलान नहीं होने के बाद भी पुलिस असली आरोपी का पता नहीं लगा सकी।
जस्टिस रजनीश ओसवाल ने यह आदेश पवन कुमार उर्फ राजा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। आरोपी ने कटड़ा थाने में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। मामला नाबालिग लड़की के यौन शोषण से जुड़ा है जिसमें पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया था। सुनवाई के दौरान बताया गया कि डीएनए जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची का जैविक पिता नहीं है।
बालक राम नाम के व्यक्ति पर शक जताया गया था लेकिन उसके खिलाफ सही तरीके से कार्रवाई नहीं हुई। सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि सिर्फ डीएनए रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती क्योंकि पीड़िता का बयान भी रिकॉर्ड पर मौजूद है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि नाबालिग का यौन शोषण हुआ और वह गर्भवती हुई लेकिन असली आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने जल्दबाजी में चालान पेश किया ताकि आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ न मिल सके।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर न्याय के हित में दोबारा या आगे की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। इसके बाद जम्मू के आईजी को सात दिन के भीतर एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए।
साथ ही रियासी के सत्र न्यायाधीश को चालान कटड़ा थाने भेजकर जांच कराने को कहा गया है। फिलहाल एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट 29 जून तक पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जेएनएफ
विज्ञापन
जस्टिस रजनीश ओसवाल ने यह आदेश पवन कुमार उर्फ राजा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। आरोपी ने कटड़ा थाने में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। मामला नाबालिग लड़की के यौन शोषण से जुड़ा है जिसमें पीड़िता ने बच्ची को जन्म दिया था। सुनवाई के दौरान बताया गया कि डीएनए जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची का जैविक पिता नहीं है।
विज्ञापन
बालक राम नाम के व्यक्ति पर शक जताया गया था लेकिन उसके खिलाफ सही तरीके से कार्रवाई नहीं हुई। सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि सिर्फ डीएनए रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती क्योंकि पीड़िता का बयान भी रिकॉर्ड पर मौजूद है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने कहा कि यह साफ है कि नाबालिग का यौन शोषण हुआ और वह गर्भवती हुई लेकिन असली आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने जल्दबाजी में चालान पेश किया ताकि आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ न मिल सके।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर न्याय के हित में दोबारा या आगे की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। इसके बाद जम्मू के आईजी को सात दिन के भीतर एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए।
साथ ही रियासी के सत्र न्यायाधीश को चालान कटड़ा थाने भेजकर जांच कराने को कहा गया है। फिलहाल एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट 29 जून तक पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। जेएनएफ