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Jammu News: सुपर स्पेशियलिटी विभागों के एचओडी से जवाब मांगा
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-मंडलायुक्त के आदेश पर सहायक आयुक्त ने साप्ताहिक ओपीडी नहीं चलने के मामले का लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू के सुपर स्पेशियलिटी विभागों में साप्ताहिक ओपीडी नहीं चलने के मामले में मंडलायुक्त कार्यालय ने संज्ञान लिया है। इसमें सभी एचओडी से सहायक आयुक्त की ओर से जवाब मांगा गया है। मरीजों की परेशानी बरकरार है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) प्रशासन का तर्क है कि विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी से सप्ताह में सभी दिन ओपीडी चलाना संभव नहीं हो पा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि वर्ष 2013 से शुरू किए गए इस अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी विभागों में पर्याप्त डाॅक्टरों की तैनाती के लिए उचित प्रयास क्यों नहीं किए गए हैं। अस्पताल के कार्डियोलाजी, सीटीवीएस, यूरोलाजी, नेफरोलाजी, न्यूरोसर्जरी और इंडियोक्रिनोलाजी की ओपीडी सप्ताह में वैकल्पिक दिन चल रही है। यह भी सच है कि सभी विभागों में पर्याप्त विशेष डॉक्टर नहीं हैं। लेकिन अस्पताल के शुरू होने के दस साल बाद भी पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा सका है।
इससे वैकल्पिक दिनों के अलावा अन्य दिनों में पहुंचने वाले मरीजों को संबंधित सुपर स्पेशियलिटी की ओपीडी नहीं चलने से निराश होकर लौटना पड़ता है। इसी तरह इमरजेंसी वाले मरीजों को जीएमसी पर निर्भर रहना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार सहायक आयुक्त की ओर से मांगे गए जवाब में कई एचओडी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जा रहे हैं। इससे यह भी दर्शाता है कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी सुपर स्पेशियलिटी विभागों में सप्ताह भर ओपीडी चलाने के लिए विशेषज्ञ डाॅक्टर भी इच्छुक नहीं हैं।
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मरीजों की शिकायत आने के बाद अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से छापा था। जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि हम एमडी और डीएनबी डाॅक्टर बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। डाॅक्टरों की कमी के कारण ही कई विभागों में सप्ताह भर ओपीडी चलाना संभव नहीं होता है। मसलन कार्डियोलाजी विभाग में विशेषज्ञ डाॅक्टर सप्ताह के बीच कुछ दिन कैथ लैब चलाते हैं, जिससे उस दिन संबंधित यूनिट की ओपीडी नहीं होती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू के सुपर स्पेशियलिटी विभागों में साप्ताहिक ओपीडी नहीं चलने के मामले में मंडलायुक्त कार्यालय ने संज्ञान लिया है। इसमें सभी एचओडी से सहायक आयुक्त की ओर से जवाब मांगा गया है। मरीजों की परेशानी बरकरार है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) प्रशासन का तर्क है कि विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी से सप्ताह में सभी दिन ओपीडी चलाना संभव नहीं हो पा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि वर्ष 2013 से शुरू किए गए इस अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी विभागों में पर्याप्त डाॅक्टरों की तैनाती के लिए उचित प्रयास क्यों नहीं किए गए हैं। अस्पताल के कार्डियोलाजी, सीटीवीएस, यूरोलाजी, नेफरोलाजी, न्यूरोसर्जरी और इंडियोक्रिनोलाजी की ओपीडी सप्ताह में वैकल्पिक दिन चल रही है। यह भी सच है कि सभी विभागों में पर्याप्त विशेष डॉक्टर नहीं हैं। लेकिन अस्पताल के शुरू होने के दस साल बाद भी पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध क्यों नहीं कराया जा सका है।
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इससे वैकल्पिक दिनों के अलावा अन्य दिनों में पहुंचने वाले मरीजों को संबंधित सुपर स्पेशियलिटी की ओपीडी नहीं चलने से निराश होकर लौटना पड़ता है। इसी तरह इमरजेंसी वाले मरीजों को जीएमसी पर निर्भर रहना पड़ता है। सूत्रों के अनुसार सहायक आयुक्त की ओर से मांगे गए जवाब में कई एचओडी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जा रहे हैं। इससे यह भी दर्शाता है कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी सुपर स्पेशियलिटी विभागों में सप्ताह भर ओपीडी चलाने के लिए विशेषज्ञ डाॅक्टर भी इच्छुक नहीं हैं।
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मरीजों की शिकायत आने के बाद अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से छापा था। जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि हम एमडी और डीएनबी डाॅक्टर बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। डाॅक्टरों की कमी के कारण ही कई विभागों में सप्ताह भर ओपीडी चलाना संभव नहीं होता है। मसलन कार्डियोलाजी विभाग में विशेषज्ञ डाॅक्टर सप्ताह के बीच कुछ दिन कैथ लैब चलाते हैं, जिससे उस दिन संबंधित यूनिट की ओपीडी नहीं होती है।