डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा: हताश हैं आतंकी संगठन, सीमा पार से घुसपैठ की हर साजिश का देंगे मुंहतोड़ जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 24 Sep 2021 08:18 PM IST

सार

डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आतंकी घुसपैठ में इजाफा होने की संभावना है। लेकिन आतंकियों की किसी भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षाबल सक्षम हैं।
डीजीपी दिलबाग सिंह
डीजीपी दिलबाग सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। कश्मीर में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए सीमा पार से साजिशें जारी हैं। गुरुवार को उड़ी सेक्टर में ऐसी ही साजिश को नाकाम करते हुए सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराने में सफलता पाई थी। उड़ी में नाकाम की गई इस घुसपैठ को लेकर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दो महीने में राजोरी और पुंछ में चार मुठभेड़ हो चुकी हैं। ये घटनाएं बताती हैं कि घुसपैठ बढ़ाने के लिए कोशिशें लगातार जारी हैं। इन गतिविधियों में इजाफा होने की संभावना भी है। आतंकियों की किसी भी साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षाबल सक्षम हैं।
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घुसपैठ को नाकाम करने पर घाटी में तैनात सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से हमें लगातार पाकिस्तान में लांच पैड्स पर हरकत की खबर मिल रही थी। यह भी इनपुट थे कि घुसपैठ कराई जाएगी। इसका सबूत हमें उड़ी में 18 सितंबर को की गई कोशिश के दौरान और गुरुवार सुबह दूसरी कोशिश के दौरान देखने को मिला। आतंकियों को इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की छूट दी हुई है। ऐसा संभव नहीं है कि आतंकियों की ऐसी हरकतें पाकिस्तानी सेना कमांडरों की जानकारी के बिना अंजाम दी जा सकें।
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आतंकी ओजीडब्ल्यू से संपर्क न साध सके, इसलिए संचार सेवा ठप किया
उड़ी ऑपरेशन के दौरान मोबाइल कम्युनिकेशन को ठप करने पर कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कु मार ने कहा कि घुसपैठ करने वाले आतंकी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स या दक्षिणी कश्मीर या किसी अन्य जगह पर उन्हें रिसीव करने वाले ओजीडब्ल्यू से कांटेक्ट न कर सकें, इसलिए संचार सेवा को बंद किया गया था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिहाज से यह बहुत जरूरी था।

छह आतंकी एक सप्ताह पहले कर रहे घुसपैठ की कोशिश
इस बीच 18 सितंबर की घुसपैठ की कोशिश के बारे में जीओसी डीपी पांडे ने कहा कि उस दिन जहां तक उनके पास जानकारी है, छह आतंकियों के एक समूह ने घुसपैठ की कोशिश की थी। चार आतंकी फेंसिंग के उस तरफ थे जबकि दो इस पार दाखिल हो चुके थे। जब सेना की पार्टी वहां पहुंची तो मुठभेड़ शुरू हो गई। जीओसी ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस ओर कोई भी आतंकी दाखिल नहीं हुआ। इसके लिए घने जंगलों और दुर्गम परिस्थितियों में लगातार तीन दिन तक ऑपरेशन जारी रहा। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ नया देखने को मिला है। इस इलाके से काफी देर बाद आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की है। अक्सर कई अन्य इलाकों से घुसपैठ की कोशिश की जाती रही है और वो रास्ते बंद कर दिए गए हैं। जुलाई, अगस्त में चार आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी और उन्हें मार गिराया गया था।

लोगों की जानकारी पर चलाते हैं ऑपरेशन

जीओसी ने कहा कि इस साल उन्हें लोगों की खुफिया सूचनाएं काफी ज़्यादा मिली हैं। हमारे ज़्यादातर ऑपरेशन लोगों द्वारा दी गई जानकारी पर अंजाम दिए जाते हैं। यह एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव है। उन्होंने कहा कि हथियारों को देखकर ऐसा लग रहा है कि वह फिदाइन नहीं थे बल्कि लंबे समय तक टिकने करने के लिए इस ओर आ रहे थे।
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