उधमपुर में देविका और भद्रवाह में पुनेजा पुल जनता को समर्पित, जितेंद्र सिंह ने किया उद्घाटन
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने उधमपुर शहर में नवनिर्मित देविका पुल और भद्रवाह के पुनेजा नाला पर नवनिर्मित पुल का ऑनलाइन उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के कारण इसमें थोड़ी देर हुई है और जल्द ही अन्य विकास कार्य भी पूरे किए जाएंगे।
बुधवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे केंद्रीय मंत्री ने करीब 75 लाख की लागत से तैयार देविका पुल को ऑनलाइन जनसमर्पित किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विशेष तौर इसका उद्घाटन करने की इजाजत दी। उन्होंने कहा कि छह वर्ष के अंदर उधमपुर-डोडा-कठुआ लोकसभा क्षेत्र में 200 के करीब पुलों का निर्माण किया गया है। इसमें अटल सेतु पुल का प्रोजेक्ट भी शामिल है।
देविका पुल को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने धरना-प्रदर्शन तो बहुत किए, लेकिन इसके निर्माण को लेकर प्रयास किसी ने नहीं किया। उन्होंने बताया कि देविका प्रोजेक्ट का काम भी शुरू हो चुका है और एक वर्ष के अंदर इसके भी पूरा होने की संभावना है।
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उन्होंने कहा कि छत्रकला टनल के सर्वे का काम बीआरओ ने पूरा कर लिया है। धार रोड चौड़ा करने को लेकर भी प्रयास जारी हैं। अब उधमपुर में इंजीनियर कालेज की मांग उठने लगी है। केंद्र सरकार ने इसको लेकर भी विचार करना शुरू कर दिया है। उधमपुर से बनिहाल तक फोरलेन राजमार्ग का निर्माण पूरा करने को लेकर भी प्रयास तेज किए हैं।
कटड़ा-दिल्ली एक्सप्रेस कोरिडोर भी उधमपुर के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। इसके बनने के बाद लोग छह घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे और एक दिन के अंदर दिल्ली से उधमपुर और उधमपुर से दिल्ली के बीच सफर कर सकेंगे। इस मौके पर डीसी डॉ. पीयूष सिंगला, नगर परिषद चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर गुप्ता आदि मौजूद थे।
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इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने भद्रवाह से दस किलोमीटर दूर पुनेजा इलाके में भद्रवाह-बसोहली-पठानकोट राजमार्ग पर तैयार पुल का उद्घाटन किया। इसका निर्माण कार्य 409.25 लाख रुपये की लागत से बीआरओ ने किया है।
इसके बनने के बाद छत्रकलां टनल के निर्माण के लिए मशीनरी को निर्माण स्थल पहुंचाने में मदद मिलेगी। डोडा जिला एकमात्र ऐसा जिला है, जहां तीन बड़ी सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इससे किसी भी परिस्थिति में कश्मीर तक पहुंचना आसान होगा। सुरक्षा के लिहाज से 185 किलोमीटर लंबा भद्रवाह-बसोहली-पठानकोट राजमार्ग बहुत महत्वपूर्ण है।
यह मार्ग कश्मीर के साथ किश्तवाड़, रामबन तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग है। इस मार्ग के बनने के बाद पठानकोट से श्रीनगर तक 120 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। इससे पर्यटन को भी बहुत ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर डीडीसी डॉ. सागर सहित बीआरओ के ओसी प्रमाद कुमार आदि मौजूद रहे।