फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   development news

Jammu News: लद्दाख की आठ तहसीलों के 52 राजस्व गांव एएलसी से सटे क्षेत्र घोषित

विज्ञापन
development news
लद्दाख की 8 तहसीलों के 52 राजस्व गांव एलएसी से सटे क्षेत्र घोषित
विज्ञापन

लेह के 18 और कारगिल के 34 राजस्व गांवों को मिलेगा एलएसी के तहत आरक्षण
गजट नोटिफिकेशन जारी, एक सदस्यीय आयोग ने तैयार की थी फाइनल रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। लद्दाख की आठ तहसीलों के 52 राजस्व गांवों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सटे क्षेत्र घोषित किया गया है। अब इन्हें एलएसी के तहत आरक्षण मिलेगा। इनमें लेह जिले की पांच तहसीलों के 18, जबकि कारगिल की तीन तहसीलों के 34 राजस्व गांव शामिल हैं। इस संबंध में 27 जून को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
लद्दाख प्रशासन ने आरक्षण को लेकर 19 अक्तूबर, 2023 को एलएसी से सटे क्षेत्रों, गांवों और बस्तियों की पहचान करने के लिए जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बंसी लाल भट की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था।
विज्ञापन

आयोग ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 (केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख आरक्षण संशोधन विनियमन, 2025) के तहत बीते दिसंबर माह में फाइनल रिपोर्ट लद्दाख प्रशासन को सौंप दी थी। इसके बाद इसी वर्ष छह जनवरी को इस रिपोर्ट की जांच करने के लिए प्रशासन की ओर से एक आंतरिक समिति गठित की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
आंतरिक समिति ने रिपोर्ट का अध्ययन कर एलजी से क्षेत्रों से जुड़ी संस्तुतियों को मंजूर करने की सिफारिश की थी : समाज एवं आदिवासी कल्याण विभाग की सचिव शशांका आला के अनुसार, आंतरिक समिति ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद उसकी एलएसी से सटे क्षेत्रों से संबंधित संस्तुतियों को मंजूर करने की सिफारिश की थी। इसके बाद उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (रि.) डाॅ. बीडी मिश्रा ने लद्दाख में आरक्षण के लिए एलएसी से सटे क्षेत्रों के रूप में इन गांवों को मंजूरी दी। बता दें कि लेह जिले में न्योमा, नुब्रा, खल्त्सी, दुर्बुक और सुमूर तहसीलों के 18 राजस्व गांवों के तहत 44 और कारगिल में कारगिल के साथ ही शकर चिकतान व द्रास तहसीलों के 181 छोटे गांव आरक्षण के दायरे में होंगे।

--------
एलएसी से सटे क्षेत्रों से प्रथम गांव हुंडरमन ब्रोक को बाहर किए जाने का विरोध शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर विधायी परिषद के पूर्व अध्यक्ष हाजी अनायत अली ने इस संबंध में लद्दाख के एलजी को पत्र लिखकर गांव को बाहर किए जाने पर पुनर्विचार करने की मांग की है। गांव के लोगों ने कारगिल के डीसी राकेश कुमार से मुलाकात कर अपनी बात रखी है।

------
एलएसी से सटे क्षेत्रों के निवासियों के लिए चार फीसदी आरक्षण

एसटी के लिए 80 ईडब्ल्यूएस के लिए 10 फीसदी आरक्षण
जम्मू। लद्दाख आरक्षण (संशोधन) नियम, 2025 के अनुसार एलएसी से सटे क्षेत्रों के निवासियों के लिए चार फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति (एससी) के लिए एक प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 80 फीसदी, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार पूर्व सैनिकों के लिए छह प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और दिव्यांगों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में भी गजट नोटिफिकेशन 27 जून को कर दिया गया। आरक्षण संबंधी इस कवायद को सामाजिक और जनजातीय कल्याण विभाग ने सामान्य प्रशासनिक विभाग ने साथ मिलकर अंजाम दिया। लद्दाख के मुख्य सचिव डॉ. पवन कोतवाल ने कहा कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य कानूनी शब्दावली को अपडेट करना, आरक्षण कोटे का पुनर्गठन और दिव्यांग नागरिकों के अधिकार अधिनियम-2016 जैसे कानूनों के अनुसार रोस्टर और भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है। ब्यूरो

----
पदोन्नति के लिए 100 पाॅइंट रोस्टर स्केल : लद्दाख के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव माइकल डिसूजा ने बताया कि नोटिफिकेशन के जरिए अनारक्षित व आरक्षित चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही क्षैतिज आरक्षण का समायोजन, योग्यता-आधारित वरिष्ठता, ईडब्ल्यूएस रिक्तियों को अनारक्षित स्लॉट में बदलने और खाली आरक्षित श्रेणियों के लिए बैकलॉग का रख-रखाव संबंधी व्यवस्था दी गई है। उन्होंने बताया कि हर सर्विस, कैडर और ग्रेड के लिए 100 पाॅइंट रनिंग रोस्टर सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसी तरह पदोन्नति के लिए भी 100 पाॅइंट रोस्टर स्केल बनाए रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed