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Jammu News: ओटीपी से भी मिलेगा राशन, डीलरों की मनमानी होगी खत्म
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राशन की दुकान से खाद्यान्न लेने के लिए केवल अंगूठे का निशान मिलना जरूरी नहीं है। कार्ड में पंजीकृत मोबाइल नंबर से भी राशन मिल सकता है। प्रक्रिया के तहत ओटीपी के जरिये राशन लिया जा सकता है। अगर फिर भी राशन नहीं मिलता तो वहां पर लगाए वितरण अधिकारी जैसे पंचायत सचिव के मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगवाकर राशन ले सकते हैंं।
राशन वितरण में धांधली को रोकने के लिए आधार नंबर अनिवार्य किया गया है। राशन कार्ड में परिवार के जितने सदस्य दर्ज होंगे उन सभी के आधार नंबर पंजीकृत होने जरूरी है। इसके बाद कोई भी सदस्य अंगूठे का निशान लगाकर राशन ले सकता है। वहीं, राशन डीलरों की मनमानी खत्म करने के लिए यह तरीका अपनाया गया है। आमतौर पर परिवार का एक ही सदस्य राशन लेने के लिए आता है, लेकिन कई बार परिवार के सदस्य के अंगूठे के निशान को ई-पॉश मशीन स्कैन नहीं कर पाती। ऐसी स्थिति पर भी राशन मिल सकता है। राशन कार्ड में व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज होता है। इस नंबर को मशीन में डालने पर कार्ड धारक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आता है जिसे मशीन में डालने पर राशन लिया जा सकता है। अगर ओटीपी जेनरेट नहीं होता है तो राशन डीलर की दुकान पर नियुक्त किए गए राशन वितरण अधिकारी जैसे पंचायत सचिव, लेखपाल आदि के मोबाइल नंबर को मशीन में डालकर ओटीपी मंगवाया जा सकता है। अधिकतर जनता को इसकी जानकारी नहीं है। केवल अंगूठे के निशान को ही राशन देने का आधार मान लिया जाता है।
नियम नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार अंगूठे का निशान न मिलने पर भी राशन लेने की दूसरी व्यवस्थाएं हैं। राशन डीलरों को ओटीपी के जरिए ऐसे मामलों में राशन देने के निर्देश हैं। ऐसा न करने वाले डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जम्मू। राशन की दुकान से खाद्यान्न लेने के लिए केवल अंगूठे का निशान मिलना जरूरी नहीं है। कार्ड में पंजीकृत मोबाइल नंबर से भी राशन मिल सकता है। प्रक्रिया के तहत ओटीपी के जरिये राशन लिया जा सकता है। अगर फिर भी राशन नहीं मिलता तो वहां पर लगाए वितरण अधिकारी जैसे पंचायत सचिव के मोबाइल नंबर पर ओटीपी मंगवाकर राशन ले सकते हैंं।
राशन वितरण में धांधली को रोकने के लिए आधार नंबर अनिवार्य किया गया है। राशन कार्ड में परिवार के जितने सदस्य दर्ज होंगे उन सभी के आधार नंबर पंजीकृत होने जरूरी है। इसके बाद कोई भी सदस्य अंगूठे का निशान लगाकर राशन ले सकता है। वहीं, राशन डीलरों की मनमानी खत्म करने के लिए यह तरीका अपनाया गया है। आमतौर पर परिवार का एक ही सदस्य राशन लेने के लिए आता है, लेकिन कई बार परिवार के सदस्य के अंगूठे के निशान को ई-पॉश मशीन स्कैन नहीं कर पाती। ऐसी स्थिति पर भी राशन मिल सकता है। राशन कार्ड में व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज होता है। इस नंबर को मशीन में डालने पर कार्ड धारक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड आता है जिसे मशीन में डालने पर राशन लिया जा सकता है। अगर ओटीपी जेनरेट नहीं होता है तो राशन डीलर की दुकान पर नियुक्त किए गए राशन वितरण अधिकारी जैसे पंचायत सचिव, लेखपाल आदि के मोबाइल नंबर को मशीन में डालकर ओटीपी मंगवाया जा सकता है। अधिकतर जनता को इसकी जानकारी नहीं है। केवल अंगूठे के निशान को ही राशन देने का आधार मान लिया जाता है।
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नियम नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार अंगूठे का निशान न मिलने पर भी राशन लेने की दूसरी व्यवस्थाएं हैं। राशन डीलरों को ओटीपी के जरिए ऐसे मामलों में राशन देने के निर्देश हैं। ऐसा न करने वाले डीलरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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