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Jammu News: ड्रोन से खेती को मिलेगी उड़ान, महिलाएं संभालेंगी कमान
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- जम्मू-कश्मीर में नमो ड्रोन दीदी योजना के कार्यान्वयन व निगरानी के लिए 15 सदस्यीय समिति गठित
- ड्रोन पायलट और सहायक प्रशिक्षण के लिए एसएचजी सदस्यों का होगा चयन
- जिलेवार ड्रोन के उपयोग, उपलब्धता और मौजूदा स्थिति का किया जाएगा आकलन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कृषि क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया गया है। ड्रोन का प्रयोग बढ़ने से महिलाओं की आमदनी बढ़ाने, खेती में पेस्टीसाइड और फर्टिलाइजर की खपत करने, लागत घटाने और आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए सामान्य प्रशासनिक विभाग ने यूटी स्तरीय 15 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति ड्रोन के उपयोग के लिए उपयुक्त क्लस्टर का चयन करेगी। इसके अलावा ड्रोन पायलट और ड्रोन सहायक प्रशिक्षण के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों का चयन किया जाएगा। जिलेवार ड्रोन के उपयोग, उपलब्धता और मौजूदा स्थिति का आकलन करना, अंतराल व भविष्य की जरूरतों की पहचान करना, प्रमुख उर्वरक कंपनियों (एलएफसी) और कीटनाशक कंपनियों के साथ समन्वय करके चयनित महिला एसएचजी को व्यवसाय प्रदान करना, ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए डे-एनआरएलएम के अंतर्गत प्रगतिशील महिला एसएचजी का चयन करने पर काम किया जाएगा।
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कृषि उत्पादन विभाग के प्रशासनिक
सचिव होंगे समिति के चेयरमैन
समिति में प्रशासनिक सचिव, कृषि उत्पादन विभाग को चेयरमैन बनाया गया है। समिति में स्कास्ट जम्मू व कश्मीर के वीसी, कृषि निदेशक, बागवानी निदेशक, एक्सटेंशन निदेशक, स्कास्ट जम्मू व कश्मीर को सदस्य (एस), एमडी, जेएंडके ग्रामीण आजीविका मिशन को सदस्य सचिव और सदस्यों में प्रशासनिक सचिव ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग, प्रशासनिक सचिव कोआपरेटिव विभाग, रजिस्ट्रार सहकारिता, कृषि मंत्रालय भारत सरकार के प्कतिनिधि, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिनिधि, फर्टिलाइजर मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिनिधि, संयोजक यूटीएलबीसी, चीफ जनरल मैनेजर, नाबार्ड और स्टेट मैनेजर आफ लीड फर्टिलाइजर कंपनी (आईपीएल) शामिल हैं।
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महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
देशभर में नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत अभी प्राथमिक स्तर पर 1100 महिलाओं को सरकार द्वारा ड्रोन दिए गए हैं। एक साल में 15000 और महिलाओं को ड्रोन दिए जाने का प्लान है। योजना के तहत ड्रोन प्रभावशाली तरीके से महिलाओं की जिंदगी और गांव की अर्थव्यवस्था में बदलाव ला सकता है। यह योजना मोदी सरकार का एक इनोवेटिव प्रयास है। इससे देश की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत जम्मू कश्मीर की महिलाओं को सरकार की ओर से ड्रोन उड़ाने, डेटा विश्लेषण और ड्रोन के रखरखाव से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। करीब 2 माह के प्रशिक्षण प्रक्रिया में सबसे पहले महिलाओं को हैदराबाद और करनाल में 15 दिन तक ड्रोन ऑपरेशंस (जिसमें ड्रोन उड़ाने से लेकर उसका का रख रखाव शामिल हैं) का भौतिक प्रशिक्षण दिया जाता है। बाद में वे अपने गांव में जाकर कई दिनों तक उसका अभ्यास करती हैं।
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- ड्रोन पायलट और सहायक प्रशिक्षण के लिए एसएचजी सदस्यों का होगा चयन
- जिलेवार ड्रोन के उपयोग, उपलब्धता और मौजूदा स्थिति का किया जाएगा आकलन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कृषि क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया गया है। ड्रोन का प्रयोग बढ़ने से महिलाओं की आमदनी बढ़ाने, खेती में पेस्टीसाइड और फर्टिलाइजर की खपत करने, लागत घटाने और आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए सामान्य प्रशासनिक विभाग ने यूटी स्तरीय 15 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति ड्रोन के उपयोग के लिए उपयुक्त क्लस्टर का चयन करेगी। इसके अलावा ड्रोन पायलट और ड्रोन सहायक प्रशिक्षण के लिए स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों का चयन किया जाएगा। जिलेवार ड्रोन के उपयोग, उपलब्धता और मौजूदा स्थिति का आकलन करना, अंतराल व भविष्य की जरूरतों की पहचान करना, प्रमुख उर्वरक कंपनियों (एलएफसी) और कीटनाशक कंपनियों के साथ समन्वय करके चयनित महिला एसएचजी को व्यवसाय प्रदान करना, ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए डे-एनआरएलएम के अंतर्गत प्रगतिशील महिला एसएचजी का चयन करने पर काम किया जाएगा।
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कृषि उत्पादन विभाग के प्रशासनिक
सचिव होंगे समिति के चेयरमैन
समिति में प्रशासनिक सचिव, कृषि उत्पादन विभाग को चेयरमैन बनाया गया है। समिति में स्कास्ट जम्मू व कश्मीर के वीसी, कृषि निदेशक, बागवानी निदेशक, एक्सटेंशन निदेशक, स्कास्ट जम्मू व कश्मीर को सदस्य (एस), एमडी, जेएंडके ग्रामीण आजीविका मिशन को सदस्य सचिव और सदस्यों में प्रशासनिक सचिव ग्रामीण विकास व पंचायती राज विभाग, प्रशासनिक सचिव कोआपरेटिव विभाग, रजिस्ट्रार सहकारिता, कृषि मंत्रालय भारत सरकार के प्कतिनिधि, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिनिधि, फर्टिलाइजर मंत्रालय भारत सरकार के प्रतिनिधि, संयोजक यूटीएलबीसी, चीफ जनरल मैनेजर, नाबार्ड और स्टेट मैनेजर आफ लीड फर्टिलाइजर कंपनी (आईपीएल) शामिल हैं।
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महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
देशभर में नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत अभी प्राथमिक स्तर पर 1100 महिलाओं को सरकार द्वारा ड्रोन दिए गए हैं। एक साल में 15000 और महिलाओं को ड्रोन दिए जाने का प्लान है। योजना के तहत ड्रोन प्रभावशाली तरीके से महिलाओं की जिंदगी और गांव की अर्थव्यवस्था में बदलाव ला सकता है। यह योजना मोदी सरकार का एक इनोवेटिव प्रयास है। इससे देश की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत जम्मू कश्मीर की महिलाओं को सरकार की ओर से ड्रोन उड़ाने, डेटा विश्लेषण और ड्रोन के रखरखाव से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। करीब 2 माह के प्रशिक्षण प्रक्रिया में सबसे पहले महिलाओं को हैदराबाद और करनाल में 15 दिन तक ड्रोन ऑपरेशंस (जिसमें ड्रोन उड़ाने से लेकर उसका का रख रखाव शामिल हैं) का भौतिक प्रशिक्षण दिया जाता है। बाद में वे अपने गांव में जाकर कई दिनों तक उसका अभ्यास करती हैं।