{"_id":"6609d2822562a14c92056c66","slug":"development-news-jammu-news-c-10-jam1008-331691-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: प्राचीन मार्तंड मंदिर का होगा अब जीर्णोद्धार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: प्राचीन मार्तंड मंदिर का होगा अब जीर्णोद्धार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- पहली अप्रैल को मुख्य सचिव करेंगे अधिकारियों के साथ बैठक
- प्राचीन मंदिर कश्मीरी कला का है अद्भूत नमूना, जीर्णोद्धार की हो रही है मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रशासन ने आठवीं शताब्दी पुराने मार्तंड मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार पर चर्चा के लिए पहली अप्रैल को अधिकारियों के साथ बैठक होगी। अनंतनाग जिले में मार्तंड सूर्य मंदिर है। श्रीनगर से लगभग 63 किलोमीटर दक्षिण में मट्टन के केहरिबल क्षेत्र में स्थित यह मंदिर देश के सबसे पुराने सूर्य मंदिरों में से एक माना जाता है। अमूल्य प्राचीन आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया गया है और यह केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची में भी आता है।
जम्मू-कश्मीर संस्कृति विभाग द्वारा जारी एक नोटिस के अनुसार प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा, संरक्षण और जीर्णोद्धार के मामले पर चर्चा के लिए पहली अप्रैल को जम्मू में नागरिक सचिवालय में होगी। प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में निदेशक अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय (जेके), पुरातत्व अधीक्षक (प्रभारी) एएसआई (श्रीनगर सर्कल) सहित अन्य भाग लेंगे। कश्मीरी पंडितों सहित हजारों तीर्थयात्री हर साल मंदिर में आते हैं और इसके जीर्णोद्धार की मांग की जा रही है। मई 2022 को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंदिर में नवग्रह अष्टमंगला पूजा में भाग लिया। मंदिर के खंडहरों और संबंधित पुरातात्विक खोजों से पता चला है कि यह कश्मीरी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना था।,मंदिर में एक स्तंभयुक्त प्रांगण है, जिसके केंद्र में प्राथमिक मंदिर है और यह 84 छोटे मंदिरों से घिरा हुआ है, जो कुल मिलाकर 220 फीट लंबा और 142 फीट चौड़ा है। इसमें एक छोटा मंदिर भी शामिल है जो पहले बनाया गया था।
विज्ञापन
- प्राचीन मंदिर कश्मीरी कला का है अद्भूत नमूना, जीर्णोद्धार की हो रही है मांग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रशासन ने आठवीं शताब्दी पुराने मार्तंड मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार पर चर्चा के लिए पहली अप्रैल को अधिकारियों के साथ बैठक होगी। अनंतनाग जिले में मार्तंड सूर्य मंदिर है। श्रीनगर से लगभग 63 किलोमीटर दक्षिण में मट्टन के केहरिबल क्षेत्र में स्थित यह मंदिर देश के सबसे पुराने सूर्य मंदिरों में से एक माना जाता है। अमूल्य प्राचीन आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा राष्ट्रीय महत्व का स्थल घोषित किया गया है और यह केंद्रीय संरक्षित स्मारकों की सूची में भी आता है।
जम्मू-कश्मीर संस्कृति विभाग द्वारा जारी एक नोटिस के अनुसार प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा, संरक्षण और जीर्णोद्धार के मामले पर चर्चा के लिए पहली अप्रैल को जम्मू में नागरिक सचिवालय में होगी। प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में निदेशक अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय (जेके), पुरातत्व अधीक्षक (प्रभारी) एएसआई (श्रीनगर सर्कल) सहित अन्य भाग लेंगे। कश्मीरी पंडितों सहित हजारों तीर्थयात्री हर साल मंदिर में आते हैं और इसके जीर्णोद्धार की मांग की जा रही है। मई 2022 को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंदिर में नवग्रह अष्टमंगला पूजा में भाग लिया। मंदिर के खंडहरों और संबंधित पुरातात्विक खोजों से पता चला है कि यह कश्मीरी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना था।,मंदिर में एक स्तंभयुक्त प्रांगण है, जिसके केंद्र में प्राथमिक मंदिर है और यह 84 छोटे मंदिरों से घिरा हुआ है, जो कुल मिलाकर 220 फीट लंबा और 142 फीट चौड़ा है। इसमें एक छोटा मंदिर भी शामिल है जो पहले बनाया गया था।
विज्ञापन