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Jammu News: आजीविका पहल के लिए 76.57 लाख रुपये वितरित किए
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आजीविका पहल के लिए 76.57 लाख रुपये वितरित किए
- स्वयं सहायता समूहों को स्वीकृति पत्र किए गए वितरित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ग्रामीण महिलाओं के बीच आर्थिक स्वतंत्रता और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में सचिव ग्रामीण विकास विभाग (आरडीडी) और पंचायती राज डॉ शाद इकबाल चौधरी ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को 76.57 लाख रुपये के स्वीकृति पत्र वितरित किए। आवंटित धनराशि विशेष रूप से विभिन्न आजीविका पहलों के लिए नामित की गई है। जिसका उद्देश्य उनकी आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करना है।
पहलों में कृषि विभाग द्वारा स्वीकृत 10 लाख रुपये की कुल लागत और 80 प्रतिशत सब्सिडी के साथ एक फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना, बागवानी विभाग द्वारा स्वीकृत 60 फीसदी सब्सिडी के साथ लगभग 13 लाख की लागत वाली दो मसाला प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। 2.15 लाख रुपये की लागत और कृषि विभाग द्वारा स्वीकृत 95 फीसदी सब्सिडी के साथ पॉली हाउस की मंजूरी, उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करेगी।
इसके अतिरिक्त सदस्यों द्वारा शुरू की गई विभिन्न आजीविका पहलों के लिए एसएचजी को 50 लाख रुपये का बैंक क्रेडिट लिंकेज आवंटित किया गया है। डॉ. शाहिद ने जिला उधमपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में इन पहलों को लागू करने में जेकेआरएलएम के समर्पित प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित संबंधित विभागों और जेकेआरएलएम द्वारा स्वीकृत इन पहलों का रणनीतिक उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के बीच सतत विकास और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ग्रामीण महिलाओं के बीच आर्थिक स्वतंत्रता और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में सचिव ग्रामीण विकास विभाग (आरडीडी) और पंचायती राज डॉ शाद इकबाल चौधरी ने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को 76.57 लाख रुपये के स्वीकृति पत्र वितरित किए। आवंटित धनराशि विशेष रूप से विभिन्न आजीविका पहलों के लिए नामित की गई है। जिसका उद्देश्य उनकी आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करना है।
पहलों में कृषि विभाग द्वारा स्वीकृत 10 लाख रुपये की कुल लागत और 80 प्रतिशत सब्सिडी के साथ एक फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना, बागवानी विभाग द्वारा स्वीकृत 60 फीसदी सब्सिडी के साथ लगभग 13 लाख की लागत वाली दो मसाला प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। 2.15 लाख रुपये की लागत और कृषि विभाग द्वारा स्वीकृत 95 फीसदी सब्सिडी के साथ पॉली हाउस की मंजूरी, उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करेगी।
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इसके अतिरिक्त सदस्यों द्वारा शुरू की गई विभिन्न आजीविका पहलों के लिए एसएचजी को 50 लाख रुपये का बैंक क्रेडिट लिंकेज आवंटित किया गया है। डॉ. शाहिद ने जिला उधमपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में इन पहलों को लागू करने में जेकेआरएलएम के समर्पित प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित संबंधित विभागों और जेकेआरएलएम द्वारा स्वीकृत इन पहलों का रणनीतिक उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के बीच सतत विकास और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देना है।
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