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मुबारक मंडी में हैरिटेज होटल बनने से पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा जम्मू शहर
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जम्मू। जम्मू को पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख विवाह गंतव्य बनाने की कवायद से सरकार ऐतिहासिक मुबारक मंडी में रानियों के आवास और अन्य स्थलों को हैरिटेज होटल के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके लिए नौ अगस्त तक कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं, जिसमें देश के बड़े होटल ग्रुप ने रुचि दिखाई है।
आवेदन के बाद अब टेंडर प्रक्रिया की तैयारी है, जिसके बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा। हैरिटेज होटल बनने से मुबारक मंडी न सिर्फ देश, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी पर्यटन हब बनेगी। मुबारक मंडी के एक हिस्से में होटल बनाने के साथ अन्य कांप्लेक्स में म्यूजियम, रेस्तरां, प्रदर्शनी हॉल भी बनाया जाएगा।
मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यहां रानियों के आवासीय स्थलों का जीर्णोद्धार कर उन्हें हैरिटेज होटल में बदला जाएगा, जिससे इनका संरक्षण होने के साथ-साथ सरकार को राजस्व मिलेगा। इससा उद्देश्य जम्मू को विवाह गंतव्य के रूप में विकसित करना है। राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रेदश राज्यों में भी राजा-रजवाड़ों के महल, कोठियां और किले को हैरिटेज होटल में बदला गया है, जो अब राजस्व का बड़ा हिस्सा बन गए हैं।
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पीपीपी मोड़ पर रानियों
के आवास का होगा संरक्षण
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यकाल में बनी कमेटी इनटेक ने मुबारक मंडी के विकास पर एक विजन प्लान तैयार किया था, जिसमें साफ था कि मुबारक मंडी में रानियों के आवास का जीर्णोद्धार पीपीपी मोड़ पर होगा और उसे हेरिटेज होटल के रूप में तैयार किया जाएगा। उस समय के मुबारक मंडी कार्यकारी समिति के चेयरमैन ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क ने भी इसमें सहमती दी थी। बता दें कि रानियों के आवास 9419.3 स्कवायर मीटर में हैं, जिसमें छह इमारतें हैं, जिनका अब पीपीपी मोड़ पर संरक्षण किया जाएगा।
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मिश्रित संस्कृति और
पर्यटन केंद्र है मुबारक मंडी
ऐतिहासिक मुबारक मंडी मिश्रित संस्कृति और पर्यटन का केंद्र है, जिसको विकसित करने के लिए 700 करोड़ रुपये की जरूरत है और इस कार्य को पूरा करने में समय लगेगा। डोगरा विरासत का संरक्षण करने के साथ-साथ उसका राजस्व के लिए उपयोग किया जाएगा। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हैरिटज इमारतों का संरक्षण पीपीपी मोड़ पर किया जाए, ताकि वह रोजगार सृजन और राजस्व को स्रोत बने।
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यह निर्माण होना है मुबारक मंडी में
मुबारक मंडी में 23 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इनका जीर्णोद्धार किया जाना है। वर्तमान में दरबार हॉल, डोगरा आर्ट म्यूजियम, अमर सिंह पैलेस, राजा राम सिंह महल और सेंट्रल कोर्ट का काम चल रहा है। मुबाकर मंडी के जीर्णोद्धार का काम 2005 में शुरू हुआ था, जिसके लिए 83 करोड़ रुपये जारी किए, लेकिन उसके बाद यह काम धीमा पड़ गया।
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आवेदन के बाद अब टेंडर प्रक्रिया की तैयारी है, जिसके बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा। हैरिटेज होटल बनने से मुबारक मंडी न सिर्फ देश, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी पर्यटन हब बनेगी। मुबारक मंडी के एक हिस्से में होटल बनाने के साथ अन्य कांप्लेक्स में म्यूजियम, रेस्तरां, प्रदर्शनी हॉल भी बनाया जाएगा।
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मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यहां रानियों के आवासीय स्थलों का जीर्णोद्धार कर उन्हें हैरिटेज होटल में बदला जाएगा, जिससे इनका संरक्षण होने के साथ-साथ सरकार को राजस्व मिलेगा। इससा उद्देश्य जम्मू को विवाह गंतव्य के रूप में विकसित करना है। राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रेदश राज्यों में भी राजा-रजवाड़ों के महल, कोठियां और किले को हैरिटेज होटल में बदला गया है, जो अब राजस्व का बड़ा हिस्सा बन गए हैं।
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पीपीपी मोड़ पर रानियों
के आवास का होगा संरक्षण
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यकाल में बनी कमेटी इनटेक ने मुबारक मंडी के विकास पर एक विजन प्लान तैयार किया था, जिसमें साफ था कि मुबारक मंडी में रानियों के आवास का जीर्णोद्धार पीपीपी मोड़ पर होगा और उसे हेरिटेज होटल के रूप में तैयार किया जाएगा। उस समय के मुबारक मंडी कार्यकारी समिति के चेयरमैन ठाकुर गुलचैन सिंह चाढ़क ने भी इसमें सहमती दी थी। बता दें कि रानियों के आवास 9419.3 स्कवायर मीटर में हैं, जिसमें छह इमारतें हैं, जिनका अब पीपीपी मोड़ पर संरक्षण किया जाएगा।
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मिश्रित संस्कृति और
पर्यटन केंद्र है मुबारक मंडी
ऐतिहासिक मुबारक मंडी मिश्रित संस्कृति और पर्यटन का केंद्र है, जिसको विकसित करने के लिए 700 करोड़ रुपये की जरूरत है और इस कार्य को पूरा करने में समय लगेगा। डोगरा विरासत का संरक्षण करने के साथ-साथ उसका राजस्व के लिए उपयोग किया जाएगा। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हैरिटज इमारतों का संरक्षण पीपीपी मोड़ पर किया जाए, ताकि वह रोजगार सृजन और राजस्व को स्रोत बने।
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यह निर्माण होना है मुबारक मंडी में
मुबारक मंडी में 23 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इनका जीर्णोद्धार किया जाना है। वर्तमान में दरबार हॉल, डोगरा आर्ट म्यूजियम, अमर सिंह पैलेस, राजा राम सिंह महल और सेंट्रल कोर्ट का काम चल रहा है। मुबाकर मंडी के जीर्णोद्धार का काम 2005 में शुरू हुआ था, जिसके लिए 83 करोड़ रुपये जारी किए, लेकिन उसके बाद यह काम धीमा पड़ गया।