'हमें सिर्फ तारीख नहीं, नौकरी चाहिए': सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद तीन महीने से अटकी कांस्टेबल भर्ती; JKSSB मौन
जम्मू-कश्मीर पुलिस में 4002 कांस्टेबल पदों पर भर्ती प्रक्रिया जनवरी के बाद से रुकी हुई है, जिससे हजारों उम्मीदवार शारीरिक परीक्षा की प्रतीक्षा में हैं। सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद जेकेएसएसबी की चुप्पी युवाओं में नाराजगी का कारण बन रही है।
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सुरक्षा की दृष्टि में हमेशा से संवेदनशील रहे जम्मू-कश्मीर में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा चुनौतियों और बढ़ गईं हैं। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर पुलिस कांस्टेबल के 4002 पदों पर भर्ती परीक्षा तीन महीने से अटकी है। इस प्रक्रिया के पूरा होने पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की शक्ति और बढ़ जाएगी।जम्मू-कश्मीर पुलिस की संख्या वर्तमान में 83000 से अधिक हो गई हैं।
आतंकवाद और नार्को आतंकवाद की चुनौती के बीच पुलिस में जवानों की कमी है। इस कमी को कुछ हद तक पूरा करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2024 में पुलिस कांस्टेबल के 4002 पद भरी की प्रक्रिया शुरू की थी। गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) को यह पद रेफर कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को कहा था।
लंबे समय बाद हो रही पुलिस कांस्टेबल भर्ती को लेकर युवाओं में भी उत्साह था। यही कारण था कि 5,59,135 युवाओं ने आवेदन किया था। फास्ट ट्रैक पर होने वाली इस भर्ती प्रक्रिया 15 जनवरी के बाद आगे ही नहीं बढ़ रही है।
जेकेएसएसबी ने दिसंबर में हुई लिखित परीक्षा का परिणाम 15 जनवरी को जारी किया था। इसमें सफल उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षा होनी थी, लेकिन जेकेएसएसबी उसका शेड्यूल ही जारी नहीं कर पाया है। दरअसल लिखित परीक्षा के बाद टेलीकम्युनिकेशन और फोटोग्राफर कांस्टेबल भर्ती में अनियमितता की बात सामने आई थी।
इसकी जांच के लिए जेकेएसएसबी ने आंतरिक समिति बनाई थी, लेकिन समिति ने जांच में क्या पाया उसकी जानकारी जेकेएसएबसी नहीं दे रही है। बोर्ड चेयरमैन इंदू कंवल कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में देरी पर कोई जवाब नहीं दे रही हैं, जबकि उम्मीदवार तीन महीने से इंतजार में है।जेकेएसएसबी के इस रवैये के खिलाफ सोमवार को उम्मीदवारों का प्रदर्शन प्रस्तावित है।
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