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Jammu News: जम्मू-कश्मीर में पहली बार डेंगू के चारों टाइप इकट्ठे मिले
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हर साल अपना स्वरूप बदल रहे मच्छर, कई पीड़ितों को दो-दो बार डेंगू हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2023 में पहली बार डेंगू के चारों टाइप मिले हैं। अमूमन डेनवी-1 और डेनवी-2 टाइप की सक्रिय रहा है। लेकिन इस बार डेनवी-3 और डेनवी-4 टाइप भी मिला है। परीक्षण में कई मामलों में कई पीड़ितों को मच्छरों के काटने पर दो दो बार डेंगू हुआ है। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग में जम्मू संभाग से मिले चारों टाइप पर शोध चल रहा है।
डेंगू के डेनवी1 से लेकर 2,3 और 4 टाइप होते हैं। डेनवी-2 और डेनवी-4 को द्वितीयक संक्रमण के रूप में रोग की गंभीरता में वृद्धि के साथ जोड़ा गया है, जबकि डेनवी-1 और डेन वी-3 अन्य दो सीरोटाइप की तुलना में प्राथमिक संक्रमण में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं। गंभीर मामलों में पीड़ित के शरीर में रक्तप्रवाह में थक्का बनाने वाली कोशिकाओं (प्लेटलेट्स) की मात्रा कम हो जाती है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव, अंग विफलता आदि से मौत हो सकती है। डेंगू का वायरल रक्त वाहिकाओं को क्षतिग्रस्त करता है और उनमें रक्त का रिसाव होने लगता है। एडीज मच्छर के काटने के कारण डेंगू होता है। इसमें बुखार, सिरदर्द, पेटदर्द, हाथ पैरों में तेज दर्द, शरीर पर दाने निकलना, उल्टी, तेज दर्द होना, लिवर बढ़ जाना, शरीर पर सूजन आदि के लक्ष्य रहते हैं। पहली बार चारों टाइप इकट्ठे मिले हैं। इसमें जम्मू कश्मीर के ट्रेंड को देश के दूसरे राज्यों से भी मूल्यांकन किया जा रहा है। वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर में 6403 लोग डेंगू से पीड़ित हुए। इसमें सबसे अधिक जम्मू जिला 4035 डेंगू के मामले मिले और जम्मू, कठुआ, उधमपुर में तीन-तीन और राजोरी में एक मौत हुई। इससे पहले वर्ष 2022 में 8269 डेंगू के मामले मिले थे, जिसमें जम्मू जिला से 6221 मामले थे और प्रदेश में 18 लोगों की मौत हुई थी। जम्मू जिला में 95 प्रतिशत तक मामले शहरी इलाकों से मिले। जिसमें रिहाड़ी, सरवाल, भठिंडी, पुराना शहर, तालाब तिल्लो, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, जानीपुर आदि इलाके प्रभावित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2023 में पहली बार डेंगू के चारों टाइप मिले हैं। अमूमन डेनवी-1 और डेनवी-2 टाइप की सक्रिय रहा है। लेकिन इस बार डेनवी-3 और डेनवी-4 टाइप भी मिला है। परीक्षण में कई मामलों में कई पीड़ितों को मच्छरों के काटने पर दो दो बार डेंगू हुआ है। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग में जम्मू संभाग से मिले चारों टाइप पर शोध चल रहा है।
डेंगू के डेनवी1 से लेकर 2,3 और 4 टाइप होते हैं। डेनवी-2 और डेनवी-4 को द्वितीयक संक्रमण के रूप में रोग की गंभीरता में वृद्धि के साथ जोड़ा गया है, जबकि डेनवी-1 और डेन वी-3 अन्य दो सीरोटाइप की तुलना में प्राथमिक संक्रमण में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं। गंभीर मामलों में पीड़ित के शरीर में रक्तप्रवाह में थक्का बनाने वाली कोशिकाओं (प्लेटलेट्स) की मात्रा कम हो जाती है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव, अंग विफलता आदि से मौत हो सकती है। डेंगू का वायरल रक्त वाहिकाओं को क्षतिग्रस्त करता है और उनमें रक्त का रिसाव होने लगता है। एडीज मच्छर के काटने के कारण डेंगू होता है। इसमें बुखार, सिरदर्द, पेटदर्द, हाथ पैरों में तेज दर्द, शरीर पर दाने निकलना, उल्टी, तेज दर्द होना, लिवर बढ़ जाना, शरीर पर सूजन आदि के लक्ष्य रहते हैं। पहली बार चारों टाइप इकट्ठे मिले हैं। इसमें जम्मू कश्मीर के ट्रेंड को देश के दूसरे राज्यों से भी मूल्यांकन किया जा रहा है। वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर में 6403 लोग डेंगू से पीड़ित हुए। इसमें सबसे अधिक जम्मू जिला 4035 डेंगू के मामले मिले और जम्मू, कठुआ, उधमपुर में तीन-तीन और राजोरी में एक मौत हुई। इससे पहले वर्ष 2022 में 8269 डेंगू के मामले मिले थे, जिसमें जम्मू जिला से 6221 मामले थे और प्रदेश में 18 लोगों की मौत हुई थी। जम्मू जिला में 95 प्रतिशत तक मामले शहरी इलाकों से मिले। जिसमें रिहाड़ी, सरवाल, भठिंडी, पुराना शहर, तालाब तिल्लो, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, जानीपुर आदि इलाके प्रभावित रहे।
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