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मानसून में डेंगू बनेगा चुनौती
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मानसून में डेंगू बनेगा चुनौती
जम्मू। जम्मू कश्मीर में मानसून की दस्तक के साथ डेंगू की चुनौती बढ़ेगी। खासतौर पर जम्मू संभाग के कई जिले डेंगू से प्रभावित रहे हैं। इन जिलों में अब तक कई लोगों को मच्छरों के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। प्रदेश में अमूमन मानसून 15 सितंबर तक रहता है, जिससे आगामी समय में डेंगू के मामले आ सकते हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में दस चिकित्सा केंद्रों को चिह्नित किया गया है, जिसमें मरीजों को निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
प्रदेश में चिह्नित किए गए अस्पतालों में जीएमसी जम्मू, कठुआ, राजोरी, डोडा के अलावा सरकारी गांधीनगर अस्पताल, सरवाल अस्पताल जम्मू, जिला अस्पताल सांबा, जिला अस्पताल उधमपुर, जिला अस्पताल पुंछ और प्रांतीय लेबोटेरी आईडीएसपी कश्मीर, श्रीनगर शामिल हैं। जम्मू संभाग में हर साल जिला कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, डोडा सहित अन्य कई जिले डेंगू से प्रभावित रहे हैं।
संभाग में अब तक वर्ष 2013 में सर्वाधिक 1838 डेंगू के पाजिटिव मामले मिले थे और चार लोगों की मौत हुई थी। हालांकि अनाधिकारिक तौर पर अन्य राज्यों में जम्मू संभाग से सैकड़ों डेंगू के मरीज भर्ती हुए थे और कइयों की मौत हुई थी। शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों में वेयर हाउस, नरवाल यार्ड, जेकेएसआरटीसी यार्ड आदि खुले स्थल डेंगू के लिए जिम्मेदार रहे हैं।
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मानसून के दौरान विभिन्न स्थानों पर जलभराव की स्थिति में डेंगू के मच्छर को पनपने का मौका मिलता है, जो बाद में इंसानों के लिए खतरा बनता है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से मानसून के शुरू होने के साथ ही मच्छरों के सफाए के लिए फागिंग व अन्य उपाय करने के दावे किए जा रहे हैं।
डेंगू के लक्षण
1. अचानक सिर में तेज दर्द और बुखार होना
2. मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होना
3. आंखों के पीछे दर्द होना जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है
4. जी मचलना और उल्टी का मन होना
5. गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना
---------
बचाव
1. कूलर, पानी की खुली टंकी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, टायर आदि में पानी जमा न होने दें
2. पानी से भरे बर्तन और टंकी को ढककर रखें
3. कूलर का पानी हफ्ते में दो बार बदलें
4. डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, ऐसे कपड़े पहने जो शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें
5. बुखार के लिए सामान्य दवाई के साथ डॉक्टर से परामर्श लें
6. डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती है
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जम्मू। जम्मू कश्मीर में मानसून की दस्तक के साथ डेंगू की चुनौती बढ़ेगी। खासतौर पर जम्मू संभाग के कई जिले डेंगू से प्रभावित रहे हैं। इन जिलों में अब तक कई लोगों को मच्छरों के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। प्रदेश में अमूमन मानसून 15 सितंबर तक रहता है, जिससे आगामी समय में डेंगू के मामले आ सकते हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदेश में दस चिकित्सा केंद्रों को चिह्नित किया गया है, जिसमें मरीजों को निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
प्रदेश में चिह्नित किए गए अस्पतालों में जीएमसी जम्मू, कठुआ, राजोरी, डोडा के अलावा सरकारी गांधीनगर अस्पताल, सरवाल अस्पताल जम्मू, जिला अस्पताल सांबा, जिला अस्पताल उधमपुर, जिला अस्पताल पुंछ और प्रांतीय लेबोटेरी आईडीएसपी कश्मीर, श्रीनगर शामिल हैं। जम्मू संभाग में हर साल जिला कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, डोडा सहित अन्य कई जिले डेंगू से प्रभावित रहे हैं।
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संभाग में अब तक वर्ष 2013 में सर्वाधिक 1838 डेंगू के पाजिटिव मामले मिले थे और चार लोगों की मौत हुई थी। हालांकि अनाधिकारिक तौर पर अन्य राज्यों में जम्मू संभाग से सैकड़ों डेंगू के मरीज भर्ती हुए थे और कइयों की मौत हुई थी। शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों में वेयर हाउस, नरवाल यार्ड, जेकेएसआरटीसी यार्ड आदि खुले स्थल डेंगू के लिए जिम्मेदार रहे हैं।
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मानसून के दौरान विभिन्न स्थानों पर जलभराव की स्थिति में डेंगू के मच्छर को पनपने का मौका मिलता है, जो बाद में इंसानों के लिए खतरा बनता है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से मानसून के शुरू होने के साथ ही मच्छरों के सफाए के लिए फागिंग व अन्य उपाय करने के दावे किए जा रहे हैं।
डेंगू के लक्षण
1. अचानक सिर में तेज दर्द और बुखार होना
2. मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होना
3. आंखों के पीछे दर्द होना जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है
4. जी मचलना और उल्टी का मन होना
5. गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना
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बचाव
1. कूलर, पानी की खुली टंकी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, टायर आदि में पानी जमा न होने दें
2. पानी से भरे बर्तन और टंकी को ढककर रखें
3. कूलर का पानी हफ्ते में दो बार बदलें
4. डेंगू का मच्छर दिन में काटता है, ऐसे कपड़े पहने जो शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें
5. बुखार के लिए सामान्य दवाई के साथ डॉक्टर से परामर्श लें
6. डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती है