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सरकार से घर वापसी की नीति बनाने की मांग
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जम्मू। विस्थापन का दंश झेल रहे जम्मू में रह रहे कश्मीरी पंडितों ने 19 जनवरी दिवस को काला दिवस मनाया है। बुधवार को विभिन्न संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन और ऑनलाइन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार से घर वापसी की नीति बनाने की मांग उठाई है।
जगती टेनमेंट और सोन कश्मीर फ्रंट ने नगरोटा में बुधवार को विस्थापन दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। काली पट्टियां पहनकर सदस्यों ने प्रदर्शन किया। फ्रंट के अध्यक्ष शादी लाल पंडिता ने कहा कि 19 जनवरी, 1990 का वह दिन यादों में है, जब मस्जिदों से घाटी छोड़ने के लिए कहा गया था। 32 साल से इस दिन को याद को कर रहे हैं। पंडितों की घर वापसी को लेकर सरकार के पास कोई नीति नहीं है। कश्मीरी पंडित अपने ही देश में विस्थापन का जीवन बिता रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने आश्वासन दिया था की उसके सत्ता में आने के बाद पंडितों की घर वापसी होगी, लेकिन अभी तक स्थिति जस के तस है। आज कश्मीरी पंडित आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से परेशान हैं। इस तरफ सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।
घर वापसी नीति में बनाने में पंडितों को शामिल किया जाए
कश्मीरी पंडित सभा ने विस्थापन दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान सदस्यों ने विस्थापन का दंश झेल रहे कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की मांग उठाई। सभा के अध्यक्ष केके खोस ने कहा कि घर वापसी बन रही नीति में समुदाय के लोगों को भी शामिल किया जाए। केंद्र सरकार और उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया था पंडितों की वापसी होगी। सरकार गणतंत्र दिवस पर पहले अपनी नीति को उजागर करे। 19 जनवरी, 1990 का दिन कश्मीरी पंडितों के लिए काला दिन था। आतंकियों ने उन्हें कश्मीरी छोड़ने को मजबूर किया था।
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जगती टेनमेंट और सोन कश्मीर फ्रंट ने नगरोटा में बुधवार को विस्थापन दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। काली पट्टियां पहनकर सदस्यों ने प्रदर्शन किया। फ्रंट के अध्यक्ष शादी लाल पंडिता ने कहा कि 19 जनवरी, 1990 का वह दिन यादों में है, जब मस्जिदों से घाटी छोड़ने के लिए कहा गया था। 32 साल से इस दिन को याद को कर रहे हैं। पंडितों की घर वापसी को लेकर सरकार के पास कोई नीति नहीं है। कश्मीरी पंडित अपने ही देश में विस्थापन का जीवन बिता रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने आश्वासन दिया था की उसके सत्ता में आने के बाद पंडितों की घर वापसी होगी, लेकिन अभी तक स्थिति जस के तस है। आज कश्मीरी पंडित आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से परेशान हैं। इस तरफ सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।
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घर वापसी नीति में बनाने में पंडितों को शामिल किया जाए
कश्मीरी पंडित सभा ने विस्थापन दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान सदस्यों ने विस्थापन का दंश झेल रहे कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की मांग उठाई। सभा के अध्यक्ष केके खोस ने कहा कि घर वापसी बन रही नीति में समुदाय के लोगों को भी शामिल किया जाए। केंद्र सरकार और उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया था पंडितों की वापसी होगी। सरकार गणतंत्र दिवस पर पहले अपनी नीति को उजागर करे। 19 जनवरी, 1990 का दिन कश्मीरी पंडितों के लिए काला दिन था। आतंकियों ने उन्हें कश्मीरी छोड़ने को मजबूर किया था।
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