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जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने रिपोर्ट के मसौदे पर काम शुरू किया, पढ़िए इससे जुड़ी अहम बातें
Sun, 18 Jul 2021 04:49 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sun, 18 Jul 2021 04:49 PM IST
सार
परिसीमन आयोग के पास जम्मू-कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों की सीमा को नये सिरे से निर्धारित करने और विधानसभा क्षेत्रों के गठन के लिए छह मार्च 2022 तक का समय है। परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी।
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परिसीमन आयोग के जम्मू कश्मीर दौरे से संबंधित तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के दौरे के करीब 15 दिन बाद परिसीमन आयोग ने विधानसभा क्षेत्रों की सीमा नये सिरे से निर्धारित करने के लिए रिपोर्ट के मसौदे पर काम करना शुरू कर दिया है। इसे सार्वजनिक करने से पहले सभी सहयोगी सदस्यों के साथ साझा किया जाएगा।
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गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश रंजना देसाई(सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग की एक टीम ने छह से नौ जुलाई तक प्रदेश का दौरा किया था। अधिकारियों ने बताया कि आयोग के सदस्यों ने प्रदेश के जिलों के उपायुक्तों के अलावा 290 से अधिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की थी। जिसमें 800 से अधिक लोग शामिल थे। सभी स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर ही रिपोर्ट का मसौदा तैयार किया जाएगा। फिर इसे सहयोगी सदस्यों के साथ साझा किया जाएगा। इन सदस्यों में नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी और अकबर लोन के अलावा भाजपा के जितेंद्र सिंह और जुगल किशोर शर्मा शामिल हैं।
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रिपोर्ट के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले परिसीमन आयोग सहयोगी सदस्यों के साथ एक बैठक भी करेगा। आयोग कुछ ऐसे जिलों पर भी विचार कर रहा है जहां क्षेत्राधिकार की सीमाओं को फिर से निर्धारित किया जा सकता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि कई चुनावी क्षेत्र में दो जिलों के हिस्से शामिल हैं। इस बात को भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने भी आयोग की बैठक के दौरान उठाया था।
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