{"_id":"66e78f597cbbc83d2700ab38","slug":"delhi-katra-express-way-jammu-news-c-10-jam1005-442412-2024-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: सदाबहार कॉलियांंड्रा फूलों से महकेगा दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: सदाबहार कॉलियांंड्रा फूलों से महकेगा दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- जल्द शुरू होने जा रहा पौधरोपण अभियान
- 666 पौधे लगाए जाएंगे प्रति एक किलोमीटर में
- 670 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का काम अगले वर्ष पूरा होने की उम्मीद
( खास खबर )
साहिल खजूरिया
कठुआ। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर सफर शुरू होने के साथ ही इसके दोनों ओर हरियाली व सुर्ख लाल रंग के सदाबहार फूल यात्रियों को आकर्षित करेंगे। जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ ही दिनों में व्यापक स्तर पर इसके लिए पौधरोपण अभियान शुरू हो रहा है।
पंजाब से जम्मू-कश्मीर में दाखिल हो रही सड़क से इस अभियान की शुरुआत होगी। प्रत्येक किलोमीटर में 666 पौधे रोपे जाएंगे, जो इस एक्सप्रेस-वे की खूबसूरती में चार चांद लगाएंगे।
कठुआ जिले के कीड़ियां गंडियाल, रामनगर से जम्मू-कश्मीर में दाखिल हो रहा यह एक्सप्रेस-वे अगले कुछ किलोमीटर तक ग्रीन फील्ड जोन में खेतों के बीचोंबीच से गुजर रहा है। ऐसे में खेतों में लहलहाती फसलों के साथ-साथ खूबसूरत कॉलियांड्रा के पौधों से इस एक्सप्रेस-वे की खूबसूरती और बढ़ जाएगी। 39 हजार करोड़ रुपये की राशि से और इंजीनियरिंग के बेमिसाल नमूनों से मिसाल पेश करने जा रहे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर तीन-तीन मीटर की दूरी पर पौधे रोपे जाने हैं। ऐसे में हर एक किलोमीटर की सड़क पर 333 पौधे एक तरफ और 333 पौधे दूसरी तरफ रोपे जाएंगे। पहले चरण में पैकेज 14 पर काम शुरू किया गया है। इसमें पंजाब के बलसुआ से हीरानगर तक काम शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर में रामनगर-कीड़ियां से यह परियोजना शुरू होती है। परियोजना अधिकारियों के मुताबिक यहीं से पौधरोपण व्यापक स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल, इस एक्सप्रेस-वे को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है, जो राजधानी दिल्ली से न सिर्फ दरबार साहिब अमृतसर, बल्कि श्री माता वैष्णो देवी आधार शिविर कटड़ा को भी जोड़ेगा। 670 किलोमीटर लंबे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का काम अगले वर्ष पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
................
कॉलियांड्रा पौधे की खूबसूरती
कॉलियांड्रा फूल पौधों की एक प्रजाति है, जो फैबेसी परिवार से संबंधित है। इसमें झाड़ियों और छोटे पेड़ों की 200 से अधिक प्रजातियां शामिल हैं, जो अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के उष्णकटिबंधीय व उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के मूल निवासी हैं। कॉलियांड्रा नाम ग्रीक शब्द ''कलोस'' से लिया गया है, जिसका अर्थ है सुंदर, और ''एंड्रोस'' जिसका अर्थ पुंकेसर है। ये पौधे लोकप्रिय रूप से अपने सुंदर और विदेशी दिखने वाले फूलों के लिए उगाए जाते हैं, जो आमतौर पर गुलाबी या लाल होते हैं और गुच्छों में खिलते हैं। ये पौधे किसी भी बगीचे या परिदृश्य के लिए एक सुंदर और आकर्षक जोड़ हैं। अपने आश्चर्यजनक फूलों और आसानी से विकसित होने वाली प्रकृति के कारण ये प्रसिद्ध हैं।
.............
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे पर पौधरोपण अभियान शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसकी शुरुआत रामनगर कीड़ियां से की जाएगी। एक्सप्रेस वे पर प्रत्येक किलोमीटर में 666 कॉलियांड्रा के पौधे रोपे जाएंगे।
-शुभम महाजन इंजीनियर, हाईवे प्राधिकरण, कठुआ
विज्ञापन
- 666 पौधे लगाए जाएंगे प्रति एक किलोमीटर में
- 670 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का काम अगले वर्ष पूरा होने की उम्मीद
( खास खबर )
साहिल खजूरिया
कठुआ। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर सफर शुरू होने के साथ ही इसके दोनों ओर हरियाली व सुर्ख लाल रंग के सदाबहार फूल यात्रियों को आकर्षित करेंगे। जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ ही दिनों में व्यापक स्तर पर इसके लिए पौधरोपण अभियान शुरू हो रहा है।
पंजाब से जम्मू-कश्मीर में दाखिल हो रही सड़क से इस अभियान की शुरुआत होगी। प्रत्येक किलोमीटर में 666 पौधे रोपे जाएंगे, जो इस एक्सप्रेस-वे की खूबसूरती में चार चांद लगाएंगे।
विज्ञापन
कठुआ जिले के कीड़ियां गंडियाल, रामनगर से जम्मू-कश्मीर में दाखिल हो रहा यह एक्सप्रेस-वे अगले कुछ किलोमीटर तक ग्रीन फील्ड जोन में खेतों के बीचोंबीच से गुजर रहा है। ऐसे में खेतों में लहलहाती फसलों के साथ-साथ खूबसूरत कॉलियांड्रा के पौधों से इस एक्सप्रेस-वे की खूबसूरती और बढ़ जाएगी। 39 हजार करोड़ रुपये की राशि से और इंजीनियरिंग के बेमिसाल नमूनों से मिसाल पेश करने जा रहे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर तीन-तीन मीटर की दूरी पर पौधे रोपे जाने हैं। ऐसे में हर एक किलोमीटर की सड़क पर 333 पौधे एक तरफ और 333 पौधे दूसरी तरफ रोपे जाएंगे। पहले चरण में पैकेज 14 पर काम शुरू किया गया है। इसमें पंजाब के बलसुआ से हीरानगर तक काम शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर में रामनगर-कीड़ियां से यह परियोजना शुरू होती है। परियोजना अधिकारियों के मुताबिक यहीं से पौधरोपण व्यापक स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल, इस एक्सप्रेस-वे को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में भी देखा जा रहा है, जो राजधानी दिल्ली से न सिर्फ दरबार साहिब अमृतसर, बल्कि श्री माता वैष्णो देवी आधार शिविर कटड़ा को भी जोड़ेगा। 670 किलोमीटर लंबे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का काम अगले वर्ष पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
................
कॉलियांड्रा पौधे की खूबसूरती
कॉलियांड्रा फूल पौधों की एक प्रजाति है, जो फैबेसी परिवार से संबंधित है। इसमें झाड़ियों और छोटे पेड़ों की 200 से अधिक प्रजातियां शामिल हैं, जो अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के उष्णकटिबंधीय व उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के मूल निवासी हैं। कॉलियांड्रा नाम ग्रीक शब्द ''कलोस'' से लिया गया है, जिसका अर्थ है सुंदर, और ''एंड्रोस'' जिसका अर्थ पुंकेसर है। ये पौधे लोकप्रिय रूप से अपने सुंदर और विदेशी दिखने वाले फूलों के लिए उगाए जाते हैं, जो आमतौर पर गुलाबी या लाल होते हैं और गुच्छों में खिलते हैं। ये पौधे किसी भी बगीचे या परिदृश्य के लिए एक सुंदर और आकर्षक जोड़ हैं। अपने आश्चर्यजनक फूलों और आसानी से विकसित होने वाली प्रकृति के कारण ये प्रसिद्ध हैं।
.............
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस वे पर पौधरोपण अभियान शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसकी शुरुआत रामनगर कीड़ियां से की जाएगी। एक्सप्रेस वे पर प्रत्येक किलोमीटर में 666 कॉलियांड्रा के पौधे रोपे जाएंगे।
-शुभम महाजन इंजीनियर, हाईवे प्राधिकरण, कठुआ