{"_id":"5d3210c48ebc3e6d02394dba","slug":"defence-minister-rajnath-singh-in-dras-kathua-and-samba-jammu-kashmir-kargil-martyrs-tribute","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राजनाथ बोले, हर हाल में होगा कश्मीर समस्या का समाधान, दिल में बसा है जम्मू-कश्मीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनाथ बोले, हर हाल में होगा कश्मीर समस्या का समाधान, दिल में बसा है जम्मू-कश्मीर
Sun, 21 Jul 2019 12:06 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 21 Jul 2019 12:06 AM IST
विज्ञापन
राजनाथ सिंह पहुंचे कठुआ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कश्मीर समस्या का समाधान हर हाल में होकर रहेगा। दुनिया की कोई ताकत इसे रोक नहीं सकती है। यदि बातचीत से समस्या का समाधान नहीं हो सकता है तो हम इस समस्या के समाधान की कला जानते हैं।
विज्ञापन
कुछ तत्वों की कोशिश रहती है कि कश्मीर का विकास न हो। यहां भाईचारा तार-तार हो जाए। वे कठुआ में उज्ज तथा सांबा जिले में बसंतर नदी पर बने पुल राष्ट्र को समर्पित करने के बाद आयोजित समारोह में बोल रहे थे।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर हमारे दिल में बसा है। वह जो कुछ बोलते हैं, सोच समझकर बोलते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी ताकते हैं, जिन्हें समझ नहीं आता है।
विज्ञापन
गृहमंत्री रहते हुए बार-बार अपील की गई कि बैठ कर इस समस्या का समाधान निकाला जाए। शालीनता और विनम्रता के साथ कई बार कहा गया कि जो लोग कश्मीर को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और उसके माध्यम से कश्मीर का समाधान चाहते हैं वे एक बार बैठ कर बात तो करें। आखिर मुद्दा क्या है ?
समस्या क्या है, ताकि मिल बैठकर सुलझाया जाए। जितनी अपील कश्मीर के तथाकथित नेताओं से की गई, पहले किसी ने नहीं की। उस समय की मुख्यमंत्री महबूबा को भी कहा गया कि पहल करें। सर्वदलीय डेलीगेशन लेकर आए और बातचीत की कोशिश की गई। डेलीगेशन में शामिल शरद यादव और दो-तीन नेता मिलने भी गए, लेकिन उन्होंने बात नहीं की।
वह लोग जो बार-बार आजादी की रट लगाते हैं वह आज तक नहीं बता पाए कि कैसी आजादी चाहिए। क्या पाकिस्तान की तरह आजादी चाहिए जिसे कोई भी कबूल नहीं करेगा। केंद्र सरकार ऐसे हालात पैदा करना चाहती है कि जो केवल जम्मू-कश्मीर के नहीं बल्कि भारत का भविष्य हैं, उनका भविष्य उज्ज्वल हो। इसे भारत की ही नहीं बल्कि दुनिया की जन्नत बनाना चाहते हैं जहां दुनियाभर से पर्यटक आएं।
अपने बच्चे विदेशों में, भोलेभाले नौजवानों से करवाते हैं पत्थरबाजी
रक्षामंत्री ने अलगाववादियों व कश्मीर केंद्रित नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कश्मीर के नौजवानों जिनमें दस और चौदह साल के बच्चे शामिल हैं उन्हें तथाकथित कश्मीरी नेता गुमराह कर पत्थरबाजी करवा रहे हैं।
यह कश्मीरी नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं और वहीं नौकरी करते हैं, लेकिन ढाल बनाकर कश्मीर के नौजवानों को कहते हैं पत्थर बरसाओ, आजादी के नारे लगाओ।
2030 तक टॉप तीन देशों में शुमार होगा भारत
केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया में भारत की साख और प्रतिष्ठा तेजी के साथ बढ़ रही है। भारत जितनी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है उससे साफ है कि 2030 तक भारत दुनिया के तीन बड़े देशों में शुमार होगा।
यह कश्मीरी नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं और वहीं नौकरी करते हैं, लेकिन ढाल बनाकर कश्मीर के नौजवानों को कहते हैं पत्थर बरसाओ, आजादी के नारे लगाओ।
2030 तक टॉप तीन देशों में शुमार होगा भारत
केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया में भारत की साख और प्रतिष्ठा तेजी के साथ बढ़ रही है। भारत जितनी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है उससे साफ है कि 2030 तक भारत दुनिया के तीन बड़े देशों में शुमार होगा।