फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Darbar Move Tradition which started in 1872 Changed due to Coronavirus, Omar Abdullah criticized

जम्मू-कश्मीर में कोरोना से बदली 150 साल पुरानी दरबार मूव की परंपरा, उमर हुए आगबबूला

Sat, 11 Apr 2020 06:19 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 11 Apr 2020 06:19 PM IST
विज्ञापन
Darbar Move Tradition which started in 1872 Changed due to Coronavirus, Omar Abdullah criticized
दरबार मूव की परंपरा बदलने की उमर ने की आलोचना - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

कोरोना वायरस के कारण जम्मू-कश्मीर में 150 वर्ष पुरानी दरबार मूव की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। फिलहाल शीतकालीन राजधानी जम्मू में दरबार बंद नहीं होगा। नए आदेश के अनुसार, चार मई से 15 जून तक सचिवालय और दरबार मूव कार्यालयों के कर्मचारी श्रीनगर व जम्मू दोनों जगह काम करेंगे।

विज्ञापन


कश्मीर के कर्मचारी श्रीनगर व जम्मू के कर्मचारी जम्मू में कामकाज करेंगे। सरकार की ओर से शुक्रवार को यह आदेश जारी किया गया। ज्ञात हो कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह में जम्मू में दरबार बंद हो जाता है और मई के पहले सप्ताह में श्रीनगर में दरबार सजता है।
विज्ञापन


सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव फारूक अहमद लोन की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए आदेश के अनुसार चार मई को ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में औपचारिक तौर पर दरबार मूव के कार्यालय खुल जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए कश्मीर आधारित स्टाफ श्रीनगर से काम करेगा और जम्मू आधारित स्टाफ जम्मू से ही अपना कार्य करता रहेगा। नागरिक सचिवालय व सचिवालय के बाहर के दरबार मूव कार्यालयों दोनों में ऐसी व्यवस्था लागू होगी।

1872 में डोगरा शासनकाल में शुरू हुई हुई थी दरबार मूव की व्यवस्था

प्रशासनिक सचिवों से कहा गया है कि वह जम्मू व श्रीनगर दोनों स्थानों पर संबंधित विभाग सुचारु रूप से कार्य कर सकें, इसकी व्यवस्था करें। अन्य विभागों के अध्यक्षों को भी ऐसी ही व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिक सचिवालय की ट्रेजरी और जेएंडके बैंक की शाखा में भी श्रीनगर व जम्मू दोनों जगह से काम होगा। वित्त आयुक्त से इसके लिए तंत्र विकसित करने के लिए कहा गया है।

नागरिक सचिवालय में डिस्पेंसरी भी दोनों जगह पर काम करेगी। श्रीनगर नगर निगम से कहा गया है कि वह श्रीनगर सचिवालय व दरबार मूव कर्मचारियों की कॉलोनियों, होटलों में सैनिटाइजेशन का पर्याप्त बंदोबस्त करे।

कश्मीर आधारित दरबार मूव कर्मचारियों को श्रीनगर पहुंचाने के लिए 25 और 26 अप्रैल को जेकेएसआरटीसी की परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। सामान्य प्रशासनिक विभाग इसके लिए व्यवस्था करेगा और पास भी जारी करेगा। जरूरत के अनुसार एस्टेट विभाग को दरबार मूव स्टाफ के लिए आवासीय सुविधा का प्रबंध करने के लिए कहा गया है। कर्मचारियों से कहा गया है कि वह जम्मू या श्रीनगर में किसी एक स्थान पर ही अपने राशन कार्ड का प्रयोग करें।

सचिवालय जम्मू व श्रीनगर के खुलने का समय चार मई से सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक का होगा। सचिवालय के बाहर दरबार मूव के कार्यालयों में कामकाज का समय सुबह दस से शाम चार बजे का होगा। 15 जून के बाद इस नई व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।

दरबार मूव की व्यवस्था 1872 में डोगरा शासनकाल में शुरू हुई हुई थी। तत्कालीन महाराजा रणवीर सिंह ने राज्य की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह परंपरा शुरू की थी। इसके तहत छह-छह महीने जम्मू व श्रीनगर में दरबार रहता है। दरबार मूव पर सालाना 600 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।

उमर अब्दुल्ला बोले- कोरोना का खतरा कम होने तक प्रक्रिया रोकी जाए

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कांफ्रेंस उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने नई व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को इस आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए। कोरोना का खतरा कम होने तक दरबार मूव की प्रक्रिया को रोक देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दोनों संभाग में मूव कार्यालयों में काम होने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी। लोग यह नहीं समझ पाएंगे कि किस सचिवालय में काम के लिए संपर्क किया जाए।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बिना फाइलों और वरिष्ठ अधिकारियों के श्रीनगर में सचिवालय क्या काम करेगा। कश्मीर के ज्यादातर कर्मचारी जम्मू में हैं तो श्रीनगर सचिवालय को कौन चलाएगा? यदि श्रीनगर सचिवालय में कोई कर्मचारी, कोई अधिकारी या कोई फाइल नहीं होगी तो सचिवालय किसके लिए खुलेगा?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed