कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ और सर्च आपरेशन के दौरान लगेगा कर्फ्यू
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सर्च आपरेशन के दौरान सुनियोजित तरीके से भारी पत्थरबाजी ने सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने इस स्थिति से निपटने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा कवच बनाने का निर्णय लिया है।
संयुक्त रणनीति के तहत आतंकियों से मुठभेड़ और सर्च आपरेशन के दौरान संबंधित इलाकों में पुलिस और सीआरपीएफ की बड़े पैमाने पर तैनाती की जाएगी। आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के तुरंत बाद संबंधित इलाकों में कर्फ्यू का एलान कर दिया जाएगा। पुलिस और सीआरपीएफ सड़कों और गलियों की नाकेबंदी कर भीड़ के मुठभेड़ स्थल पर जाने से रोकेगी।
दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर में उपद्रवियों और आतंकी संगठनों के गठजोड़ से सुरक्षा बलों को मुठभेड़ के दौरान भारी पत्थरबाजी से जूझना पड़ रहा है। इसके अलावा सेना और सीआरपीएफ के काफिले पर घात लगाकर बैठे आतंकियों से भी खतरा बढ़ा है।
पत्थरबाजी बनी सुरक्षाबलों की दोहरी चुनौती
इसके लिए सर्च आपरेशन से पहले रोड ओपनिंग पार्टियां संबंधित सड़कों पर गश्त पूरी करेंगीं। कुलगाम, हंदवाड़ा के हाजिन, बांदीपोरा, पुलवामा और त्राल के मुठभेड़ में सेना और सुरक्षा बलों की भारी कीमत चुकानी पड़ी है।
त्राल में भी पुलिसकर्मी शहीद हुए। पिछली मुठभेड़ों के दौरान 13 जवान शहीद हो चुके हैं। मुठभेड़ और सर्च आपरेशन के दौरान भारी संख्या में लोगों के जमा होकर पत्थरबाजी से सुरक्षा बलों को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ा है।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में 300 आतंकियों के छिपे होने के इनपुट हैं। पुख्ता सूचना के बाद घेराबंदी कर सर्च आपरेशन चलाया जाता है जिसमें अब पत्थरबाजों ने बाधा डालना शुरू किया है। इन्हें अलगाववादियों का भी सहयोग मिल रहा है जो सर्च आपरेशन के विरोध में प्रदर्शन आयोजित करने लगे हैं।
उपद्रवियों ने भगा दिए 16 आतंकी
उपद्रवियों, पत्थरबाजों और प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा बल पत्थरबाजों से निपटने में बंदूकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं क्योंकि इससे मौतों के बाद हालात ज्यादा बिगड़ सकते हैं।
लिहाजा कर्फ्यू और नाकेबंदी से इलाके को अलग-थलग कर मुठभेड़ की कार्रवाई की योजना पर अमल किया जाएगा। त्राल में इसका प्रयोग कुछ हद तक सफल रहा है। कश्मीर में एक महीने में पत्थरबाजों के कारण 16 आतंकियों को भागने में सफलता मिली है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार कुलगाम, हंदवाड़ा के हाजिन, बांदीपोरा, पुलवामा, शोपियां और त्राल में मुठभेड़ और सर्च आपरेशन के दौरान भारी पत्थरबाजी के कारण आतंकियों को फरार होने में मदद मिली। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में इस तरह की बाधा पैदा करने वालों से अब सख्ती से निपटा जाएगा।