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सरपंचों ने क्षेत्र में अधिक विकास कराने का लिया संकल्प
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सांबा। पंचायती राज दिवस पर जिले की विभिन्न पंचायतों के सरपंचों ने अपनी-अपनी पंचायत में अधिक विकास कराने का संकल्प लिया। कैली मंडी के सरपंच लब्लु संब्याल, दियानी के सरपंच प्रदीप ललोत्रा, पंगदौर की सरपंच रीना चौधरी, बैनगलाड की सरपंच स्वाती शर्मा, सदोह के नायब सरपंच देवेंद्र सिंह सोनू ने कहा कि अपनी पंचायत में एक सामान विकास कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना की, लेकिन स्थानीय विभागों के अधिकारियों द्वारा उन्हें सहयोग नहीं करने का दुख भी व्यक्त किया है। कहने को तो 21 विभाग पंचायत के अधीन है। जब ग्राम सभाएं होती हैं एक दो विभाग ही शिरकत करते हैं। केंद्र सरकार की योजनाएं पंचायतों तक कैसे पहुंचेगी। जब तक जागरूकता ही नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भारत का सुनहरा भविष्य गांव में बसता है आओ सब मिलकर गांव को सुंदर बनाएं।
गौरतलब है कि पंचायत’ शब्द दो शब्दों से बना है। इसमें ‘पंच’ का अर्थ है ‘पांच’ और ‘अयात’ का अर्थ है ‘असेंबली’ और ‘राज’ का अर्थ है ‘शासन’। हमारे देश में पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस वर्ष 2010 में मनाया गया। तब से भारत में हर साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
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उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं की सराहना की, लेकिन स्थानीय विभागों के अधिकारियों द्वारा उन्हें सहयोग नहीं करने का दुख भी व्यक्त किया है। कहने को तो 21 विभाग पंचायत के अधीन है। जब ग्राम सभाएं होती हैं एक दो विभाग ही शिरकत करते हैं। केंद्र सरकार की योजनाएं पंचायतों तक कैसे पहुंचेगी। जब तक जागरूकता ही नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भारत का सुनहरा भविष्य गांव में बसता है आओ सब मिलकर गांव को सुंदर बनाएं।
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गौरतलब है कि पंचायत’ शब्द दो शब्दों से बना है। इसमें ‘पंच’ का अर्थ है ‘पांच’ और ‘अयात’ का अर्थ है ‘असेंबली’ और ‘राज’ का अर्थ है ‘शासन’। हमारे देश में पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस वर्ष 2010 में मनाया गया। तब से भारत में हर साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
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