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देवताओं की पुकार पर भगवान विष्णु ने राम अवतार लेने का वचन दिया
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क्लब द्वारा भब्य झांकी निकाल कर लोगों को राम लीला मैदान मे आने के लिए आमंत्रित करते हुए।
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अरनिया। आदर्श गांव अला में रामलीला मंचन के पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। वहीं इससे पहले शाम को पंडाल में आने के लिए क्लब की तरफ से झांकी निकाल कर लोगों को आमंत्रित किया गया।
रामलीला क्लब अला की तरफ से मंचित की जा रही रामलीला मंचन के पहले दिन धरती माता व अन्य देवताओं की पुकार पर भगवान विष्णु का राम अवतार लेने का बचन देना, लंकापति रावण का भगवान शिव द्वारा अहंकार तोड़ना व रावण वेदमति संवाद का मंचन किया गया। सैकड़ों की तादात में पंडाल में बैठे दर्शकों ने तालियां बजा कर पात्रों की हौसला अफजाई की। संवाद
राजे महाराजे जनक दरबार में आए
रामगढ़ । सीमावर्ती गांव केसो मनहासा और सवांखा में रामलीला मंचन में राम जन्म के बाद उनकी शिक्षा और राजा जनक के दरबार में भगवान शिव के धनुष को तोड़कर सीता से विवाह करने की लीला दिखाई गई। सीता से विवाह करने की इच्छा से एक से एक बलवान और पराक्रमी राजे महाराजे जनक दरबार में आए।
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इनमें रावण भी मौजूद था। सभी ने एड़ी चोटी का जोर लगाया, लेकिन कोई भी शिव के धनुष को उठाने में सफल नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंच की बनावट, खूबसूरत होने से दूर बैठा व्यक्ति भी मंचन का पूरा आनंद उठा सकेगा। पिछले साल भी यहां बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंचते थे। ऐसे में हमारी कोशिश यह रहती है कि हर व्यक्ति रामलीला का आनंद लेकर वापस जाए। क्लब के सदस्यों ने बताया कि जो लोग रामलीला देखने आएंगे उनकी सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं। संवाद
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रामलीला क्लब अला की तरफ से मंचित की जा रही रामलीला मंचन के पहले दिन धरती माता व अन्य देवताओं की पुकार पर भगवान विष्णु का राम अवतार लेने का बचन देना, लंकापति रावण का भगवान शिव द्वारा अहंकार तोड़ना व रावण वेदमति संवाद का मंचन किया गया। सैकड़ों की तादात में पंडाल में बैठे दर्शकों ने तालियां बजा कर पात्रों की हौसला अफजाई की। संवाद
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राजे महाराजे जनक दरबार में आए
रामगढ़ । सीमावर्ती गांव केसो मनहासा और सवांखा में रामलीला मंचन में राम जन्म के बाद उनकी शिक्षा और राजा जनक के दरबार में भगवान शिव के धनुष को तोड़कर सीता से विवाह करने की लीला दिखाई गई। सीता से विवाह करने की इच्छा से एक से एक बलवान और पराक्रमी राजे महाराजे जनक दरबार में आए।
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इनमें रावण भी मौजूद था। सभी ने एड़ी चोटी का जोर लगाया, लेकिन कोई भी शिव के धनुष को उठाने में सफल नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंच की बनावट, खूबसूरत होने से दूर बैठा व्यक्ति भी मंचन का पूरा आनंद उठा सकेगा। पिछले साल भी यहां बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंचते थे। ऐसे में हमारी कोशिश यह रहती है कि हर व्यक्ति रामलीला का आनंद लेकर वापस जाए। क्लब के सदस्यों ने बताया कि जो लोग रामलीला देखने आएंगे उनकी सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं। संवाद