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भगवान राम का सिमरन करने से भक्तों के कटते हैं कष्ट ऋषि नारायण।
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बिश्नाह। राधा कृष्ण मंदिर रामवाग में नवरात्र के उपलक्ष्य में चल रही श्रीराम कथा के दौरान मंगलवार को स्वामी राजेंद्र आचार्य के शिष्य ऋषि नारायण ने रामायण पाठ करते हुए कहा कि जो भक्त प्रभु राम पर विश्वास रखते हैं, उनकी भक्ति में लीन रहते हैं, प्रभु उन पर हमेशा अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। उनके सभी कार्य सफल होते हैं।
उन्होंने कहा कि रामायण युग के दौरान भगवान श्रीराम ने अवतरित होकर आम नागरिक जैसा जीवन जिया। जो परेशानियां आम मनुष्य को होती हैं वही उन्होंने भी झेेली। वह चाहते थे कि जो भी इंसान उनके अंग संग हैं। जो दुनिया में है उनको एक प्रेरणा दी जाए कि अगर किसी पर परेशानी बन जाए तो उसका किस तरह से सामना करे और उसका किस तरह से हल निकालना चाहिए। इसलिए जो लोग भी प्रभु श्रीराम की शरण में रहते हैं उनके बताए मार्ग पर चलते हैं, भगवान राम कभी भी उनको आंच नहीं आने देते। इसलिए हर व्यक्ति का हर वक्त का फर्ज बनता है कि वह प्रभु श्रीराम नाम का जाप करे और प्रभु शरण में अपना जीवन सौंपे। ऐसे लोगों को जीवन में कभी भी कोई भी कष्ट नहीं होता।
मंदिर में बुधवार को भंडारे का आयोजन किया गया है। रामायण पाठ की समाप्ति भी होगी। इसी उपलक्ष्य में भगवान श्रीराम को 125 किलो के लड्डू का भोग लगाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि रामायण युग के दौरान भगवान श्रीराम ने अवतरित होकर आम नागरिक जैसा जीवन जिया। जो परेशानियां आम मनुष्य को होती हैं वही उन्होंने भी झेेली। वह चाहते थे कि जो भी इंसान उनके अंग संग हैं। जो दुनिया में है उनको एक प्रेरणा दी जाए कि अगर किसी पर परेशानी बन जाए तो उसका किस तरह से सामना करे और उसका किस तरह से हल निकालना चाहिए। इसलिए जो लोग भी प्रभु श्रीराम की शरण में रहते हैं उनके बताए मार्ग पर चलते हैं, भगवान राम कभी भी उनको आंच नहीं आने देते। इसलिए हर व्यक्ति का हर वक्त का फर्ज बनता है कि वह प्रभु श्रीराम नाम का जाप करे और प्रभु शरण में अपना जीवन सौंपे। ऐसे लोगों को जीवन में कभी भी कोई भी कष्ट नहीं होता।
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मंदिर में बुधवार को भंडारे का आयोजन किया गया है। रामायण पाठ की समाप्ति भी होगी। इसी उपलक्ष्य में भगवान श्रीराम को 125 किलो के लड्डू का भोग लगाया जाएगा।
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