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अयोध्या आध्यात्मिकता, सुशासन और समृद्ध संस्कृति का उद्गम स्थल है : सिन्हा

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cultural program
नई दिल्ली ​स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में अयोध्या पर्व के मौके पर पत्रिका का विमोच
- नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में अयोध्या पर्व -2025 कार्यक्रम को किया उपराज्यपाल ने संबोधित
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- कहा अयोध्या खुशी और आध्यात्मिक जागृति की कुंजी है

अमर उजाला ब्यूरो,
जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अयोध्या आध्यात्मिकता और समृद्ध संस्कृति का उद्गम स्थल है। प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि हमारी पहचान हमारी एकता के प्रतीक के साथ ही खुशी और आध्यात्मिक जागृति की कुंजी है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में अयोध्या न्यास एवं प्रज्ञा संस्थान की तरफ से आयोजित अयोध्या पर्व -2025 को संबोधित करते हुए कही।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अयोध्या समाज की ऊर्जा, चेतना और जीवन शक्ति है। अयोध्या हमारी विरासत और अध्यात्म के सर्वोत्तम तत्वों का भंडार है और भक्तों के लिए आशा की किरण है।
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उपराज्यपाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अयोध्या प्राचीन भारत की सौम्य शक्ति रही है और इसने आध्यात्मिक मूल्यों, परंपरा और लोक संस्कृति के माध्यम से विचारों के प्रसार में योगदान दिया और इंडोस्फीयर बनाने में मदद की। उन्होंने कहा, थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया जैसे कई उदाहरण हैं जो अयोध्या से निकटता से जुड़े हुए हैं।
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श्रीराम का आशीर्वाद हमें कल्याणकारी राज्य बनाने में करेगा मदद
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वह अयोध्या को भारत के नैतिक कम्पास के रूप में देखते हैं। जिसकी ऊर्जा, प्रगतिशील नीतियां और भगवान श्री राम का आशीर्वाद हमें एक कल्याणकारी राज्य बनाने में मदद करेगा। अयोध्या का एक विचार के रूप में बहुत महत्व है और इसकी सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चिंगारी आने वाले हजारों वर्षों तक चमकती रहेगी।


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अयोध्या का प्रभाव साहित्य,कला संगीत व रंगमंच के माध्यम से फैला
- उपराज्यपाल ने कहा कि एशिया में विचारों और संस्कृति को आकार देने में अयोध्या का प्रभाव सांस्कृतिक चुंबक की तरह था। इसने भारत के आध्यात्मिक प्रभाव को बढ़ावा दिया। जिसमें अयोध्या का प्रभाव साहित्य, कला, संगीत और रंगमंच के माध्यम से फैला। उपराज्यपाल ने कहा कि भगवान श्री राम के आदर्श और मूल्य जैसे धर्म, सत्य, न्याय, गरिमा, धैर्य, सहनशीलता, सहयोग, करुणा, नेतृत्व और साहस लोगों को बेहतर भविष्य बनाने के लिए मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों को समान अवसर प्रदान करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने संतों में ध्रुव तारे’, ‘चौरासी कोस की अयोध्या’, ‘एक शाश्वत नायक: राम’, ‘कुरुक्षेत्र के योद्धा’ और ‘भारत बोध पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मणिरामदास छावनी के महंत कमल नयन दास जी, गीता मनीषी महामंडलेश्वर ज्ञानानंद जी महाराज, पद्मश्री वासुदेव कामथ, आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय, पूर्व सांसद लल्लू सिंह मौजूद थे।
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